एनएमडीसी द्वारा दंतेवाड़ा के 17 गांवों के बच्चों के लिए समर कैंप कार्यक्रम का आयोजन

दंतेवाड़ा : अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल के अंतर्गत, एनएमडीसी द्वारा 18 मई से 15 जून 2026 तक दंतेवाड़ा जिले के 17 गांवों में WOSCA-Life Lab के सहयोग से एक माह का समर कैप आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में बच्चों की सीख, रचनात्मकता, खेल भावना और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने हेतु 12 जून 2026 को मंगल भवन, बचेली में समर कैंप शोकेस कार्यक्रम आयोजित किया गया। समर कैंप ने ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों के बच्चों को ग्रीष्म अवकाश के दौरान एक सुरक्षित, आनंददायक और गतिविधि-आधारित सीखने का मंच प्रदान किया। इस कैंप में 17 गांवों से प्रतिदिन औसतन 1,100+ बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों को STEM DIY किट्स, अबेकस, फ्रिस्बी, कला एवं शिल्प, संगीत, नृत्य, खेल, रचनात्मक सीखने और व्यक्तित्व विकास गतिविधियों का अनुभव प्राप्त हुआ। कुल मिलाकर, 68 सदस्यीय जमीनी टीम द्वारा, जिसमें प्रशिक्षक, कोच और सामुदायिक मोबिलाइज़र शामिल थे, गांवों में 600+ सत्रों का संचालन किया गया। इस कैंप का उद्देश्य स्कूल अवकाश अवधि के दौरान बच्चों की सीखने की निरंतरता, आत्मविश्वास, रचनात्मकता, टीमवर्क और आत्म-अभिव्यक्ति को मजबूत करना था। STEM DIY गतिविधियों के माध्यम से बच्चों ने सरल वैज्ञानिक अवधारणाओं को व्यावहारिक और रोचक तरीके से समझा। अबेकस सत्रों ने बच्चों की संख्या-बोध, एकाग्रता और बुनियादी गणितीय कौशल को मजबूत करने में सहायता की। कला एवं शिल्प सत्रों ने कल्पनाशीलता और रचनात्मकता को प्रोत्साहित किया, जबकि संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक गतिविधियों ने बच्चों को स्वयं को अभिव्यक्त करने का मंच प्रदान किया। फ्रिस्बी सहित खेल गतिविधियों ने बच्चों में अनुशासन, टीमवर्क, शारीरिक फिटनेस, आत्मविश्वास और सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा दिया। शोकेस कार्यक्रम में  जयंत नाहटा, आईएएस, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, दंतेवाड़ा;  टी. शिवा कुमार, सीजीएम प्रोडक्शन, एनएमडीसी;  महेश नायर, जीएम एचआर, एनएमडीसी; और  सौरभ कुमार, डीजीएम एचआर, एनएमडीसी ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में एनएमडीसी बचेली एवं किरंदुल परियोजनाओं के अधिकारी, ग्राम सरपंच, सामुदायिक प्रतिनिधि और अन्य हितधारक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत केबी ग्राउंड में बच्चों द्वारा फ्रिस्बी शोकेस से हुई, जहां बच्चों ने टीमवर्क, अनुशासन, आत्मविश्वास और खेल भावना का प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्य कार्यक्रम मंगल भवन, बचेली में आयोजित हुआ, जिसमें दीप प्रज्वलन, बच्चों की कलाकृतियों. शिल्प और सीखने के परिणामों का प्रदर्शन, बच्चों से संवाद, अतिथि उद्बोधन और विभिन्न गांवों के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल रहीं। कार्यक्रम के दौरान गणमान्य अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों से संवाद किया। बच्चों ने कैंप के दौरान तैयार किए गए कला एवं शिल्प मॉडल, STEM आधारित सीखने के परिणाम और रचनात्मक कार्य प्रदर्शित किए।  जयंत नाहटा, आईएएस ने बच्चों के कार्य की गुणवत्ता की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों द्वारा बनाए गए कला एवं शिल्प मॉडल इतने सुंदर और परिपूर्ण दिख रहे हैं कि इन्हें व्यापक स्तर पर प्रदर्शित किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को अपनी रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता को निरंतर विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

रिपोर्टर : ए आर कर्मा 

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