NMDC से स्थानीय अधिकारों की हुंकार, हजारों कार्यकर्ताओं ने निकाली बाइक रैली

दंतेवाड़ा : स्थानीय एवं प्रभावित क्षेत्रों के अधिकार, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने गुरुवार को बड़े बचेली में शक्ति प्रदर्शन किया। संगठन के हजारों कार्यकर्ताओं ने बाइक रैली निकालकर स्थानीय अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। रैली के बाद एसडीएम बड़े बचेली के माध्यम से NMDC किरंदुल-बचेली प्रबंधन को ज्ञापन सौंपकर मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की मांग की गई।

बाइक रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने, प्रभावित गांवों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करने तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मांग उठाई। संगठन का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से खनन एवं औद्योगिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, इसलिए स्थानीय एवं प्रभावित परिवारों को रोजगार और विकास के अवसरों में प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
ठेका एवं आउटसोर्सिंग कार्यों में 80 फीसदी स्थानीय युवाओं की मांग
ज्ञापन में भीम आर्मी ने NMDC के ठेका एवं आउटसोर्सिंग कार्यों में 80 प्रतिशत स्थानीय मूलनिवासी युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग रखी है। संगठन के अनुसार स्थानीय क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि खनिज संपदा वाले क्षेत्र के लोगों को भी औद्योगिक विकास का प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
संगठन ने स्थानीय बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग को प्रमुख मुद्दा बनाया।
शिक्षा के क्षेत्र में PSC-UPSС कोचिंग की मांग
ज्ञापन में स्थानीय विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क एवं बेहतर शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। इसके साथ ही क्षेत्र के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए PSC और UPSC कोचिंग सेंटर उपलब्ध कराने की मांग की गई।
भीम आर्मी का कहना है कि आदिवासी एवं प्रभावित क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में आगे बढ़ने के लिए बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
NMDC अस्पतालों में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग
स्वास्थ्य सुविधा को लेकर भी संगठन ने कई मांगें रखीं। ज्ञापन में NMDC अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने तथा गंभीर बीमारियों से पीड़ित स्थानीय ग्रामीणों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की मांग की गई।
संगठन ने क्षेत्र में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं, आवश्यक जांच सुविधाओं तथा गंभीर मरीजों के उपचार की बेहतर व्यवस्था पर जोर दिया।
प्रभावित गांवों के विकास में CSR की भूमिका बढ़ाने की मांग
भीम आर्मी ने प्रभावित गांवों में CSR के माध्यम से विकास कार्यों को गति देने की मांग की है। संगठन के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत किया जाना चाहिए।
ज्ञापन में स्थानीय एवं प्रभावित ग्रामीणों की जरूरतों के अनुरूप CSR योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया।
10 अक्टूबर तक कार्रवाई की मांग, आंदोलन की चेतावनी
संगठन ने NMDC प्रबंधन से 10 अक्टूबर 2026 तक मांगों पर ठोस एवं सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। भीम आर्मी ने कहा कि यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो संगठन द्वारा लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
संगठन ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य स्थानीय लोगों, बेरोजगार युवाओं और प्रभावित ग्रामीणों से जुड़े मुद्दों को संबंधित प्रबंधन एवं प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखना है।
“स्थानीय लोगों को उनका अधिकार दिलाना हमारा कर्तव्य”
भीम आर्मी भारत एकता मिशन के पदाधिकारियों ने कहा कि NMDC प्रबंधन को सौंपा गया ज्ञापन केवल मांगों की सूची नहीं, बल्कि स्थानीय एवं प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं को सामने रखने का प्रयास है। संगठन का कहना है कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और क्षेत्रीय विकास जैसे मुद्दों पर गंभीरता से काम किया जाना आवश्यक है।
पदाधिकारियों ने कहा कि आने वाले समय में स्थानीय लोगों के अधिकार और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठन अपनी आवाज लोकतांत्रिक तरीके से उठाता रहेगा। संगठन ने कहा कि स्थानीय नागरिकों और प्रभावित परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना उसकी प्राथमिकता है।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
बाइक रैली एवं ज्ञापन कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष सुयल नाग, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हिडमे मरकाम, संभाग उपाध्यक्ष जोन नाथ, दंतेवाड़ा जिला संगठन मंत्री गजेंद्र ताती, जिलाध्यक्ष रामदयाल बारसा, जिला उपाध्यक्ष भवानी तामो, जिला उपाध्यक्ष आशा राम कर्मा, बस्तर जिलाध्यक्ष आशीष कच्छ, जिला उपाध्यक्ष रवि चरण, कोंडागांव जिलाध्यक्ष हेमसिंग मौर्य, जिला उपाध्यक्ष कवल सोढ़ी, बीजापुर जिलाध्यक्ष प्रमोद सोरी, जिला उपाध्यक्ष लखन पुनेम, नारायणपुर जिलाध्यक्ष संतलाल दुग्गा, जिला उपाध्यक्ष मनतेर बड्डे एवं जिला सचिव डीएम सोनी सहित जिला, बचेली ब्लॉक अध्यक्ष  भुनेन बारेरकर उपाध्यक्ष दिनेश कश्यप सचिव समीम रजा  एवं  जिले के अन्य ब्लाक स्तर के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भीम आर्मी भारत एकता मिशन खुद को किसी अलग संविधान से नहीं, भारत के संविधान से ही काम करने वाला संगठन बताती है।
संगठन का आधिकारिक स्टैंड ये है:

1. मुख्य आधार - भारत का संविधान:
संगठन का कहना है कि वो संविधान की प्रस्तावना में लिखे समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और न्याय के सिद्धांत पर काम करता है। खासकर अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 15 (भेदभाव पर रोक), अनुच्छेद 17 (छुआछूत का अंत) और अनुच्छेद 21 को अपना आधार बताते हैं।

2. वैचारिक आधार - डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचार:
इसीलिए संगठन का नाम "भीम आर्मी" रखा गया है। वो डॉ. अंबेडकर की किताबों और भाषणों, खासकर - शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो के नारे को अपनी विचारधारा मानते हैं।

 इनकी मांगें - जैसे SC/ST एक्ट का सख्त पालन, आरक्षण, शिक्षा और रोजगार में समान अवसर - सब भारतीय संविधान में दिए गए अधिकारों के दायरे में ही रखी जाती हैं।
सीधे शब्दों में कहें तो, भीम आर्मी का दावा है कि वो संविधान को लागू करवाने के लिए काम करती है, संविधान से अलग होकर नहीं।
अब नजर NMDC प्रबंधन की कार्रवाई पर
भीम आर्मी द्वारा 10 अक्टूबर 2026 की समयसीमा तय किए जाने के बाद अब स्थानीय लोगों और प्रभावित ग्रामीणों की नजर NMDC प्रबंधन की आगामी पहल पर है। रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और CSR से जुड़े मुद्दों पर प्रबंधन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, यह आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण रहेगा।

रिपोर्टर : ए आर कर्मा 

 

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