रतनगढ़ सिंध नदी में डूब रही बालिका को SDRF-पुलिस टीम ने बचाया, जांबाजों को किया गया सम्मानित

दतिया :  चैत्र नवरात्रि मेले के दौरान प्रसिद्ध शक्तिपीठ रतनगढ़ माता मंदिर पर जिला प्रशासन एवं पुलिस की सतर्कता और कुशल प्रबंधन के चलते एक बड़ा हादसा टल गया। सिंध नदी में डूब रही एक बालिका को एसडीआरएफ एवं पुलिस की मुस्तैद टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे उसकी जान बच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 26 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक परिवार अपनी पुत्री मधु सेन के साथ माता रतनगढ़ के दर्शन के लिए आया हुआ था। दर्शन के बाद परिवार सिंध नदी घाट पर पहुंचा, जहां अचानक बालिका को मिर्गी का दौरा पड़ गया। दौरे के कारण वह अनियंत्रित होकर गहरे पानी में गिर गई और डूबने लगी। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही घाट पर तैनात एसडीआरएफ एवं पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए अदम्य साहस का परिचय दिया। एसडीआरएफ के जवान अनूप कुमार और अजय कुमार ने अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत नदी में छलांग लगाई और तेज बहाव के बीच संघर्ष करते हुए बालिका तक पहुंचे। कुछ ही क्षणों में उन्होंने उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी इस बहादुरी और तत्परता ने एक अनमोल जीवन को बचा लिया।
रेस्क्यू के तुरंत बाद चिकित्सा सहायता भी बेहद तेजी से उपलब्ध कराई गई। महज 2 मिनट के भीतर एम्बुलेंस चालक मनोज कुमार यादव मौके पर पहुंचे और बालिका को तत्काल मंदिर परिसर में बनाए गए अस्थायी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां तैनात चिकित्सक डॉ. शुभम शर्मा एवं डॉ. सचिन रावत ने बिना देरी किए उपचार शुरू किया। डॉक्टरों की तत्परता और समय पर मिली चिकित्सा सहायता के कारण बालिका की स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई और अब वह पूर्णतः स्वस्थ एवं सुरक्षित है।
इस साहसिक एवं सराहनीय कार्य के लिए आज कलेक्टर दतिया श्री स्वप्निल वानखड़े द्वारा रेस्क्यू टीम के सभी सदस्यों को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं पुलिस अधीक्षक श्री सूरज कुमार वर्मा ने पूरी टीम को 10 हजार रुपये की नकद राशि देकर उनका उत्साहवर्धन किया। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम की बहादुरी, तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज में सुरक्षा और विश्वास की भावना को मजबूत करते हैं।
कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने मेले में तैनात समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे इसी प्रकार सतर्कता एवं समर्पण के साथ अपनी ड्यूटी निभाते रहें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं से विशेष अपील की गई है कि वे नदी घाटों पर अत्यधिक सावधानी बरतें। गहरे पानी में जाने से बचें तथा बच्चों और अस्वस्थ व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखें। प्रशासन द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स, चेतावनी संकेतों एवं सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों का पालन करें, ताकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में दर्शन कर सकें।

रिपोर्टर : दतिया नितिन कुमार 

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