दतिया में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में 109 मरीजों की जांच, शुगर-मोटापे और शराब सेवन

दतिया - विद्या विहार कॉलोनी स्थित डॉ. हेमंत जैन क्लिनिक पर रविवार को अगस्त माह का निःशुल्क स्वास्थ्य एवं परामर्श शिविर आयोजित किया गया। शिविर में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के सह- प्राध्यापक एवं कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. हेमंत कुमार जैन ने कुल 109 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के आधार पर आवश्यक चिकित्सीय परामर्श प्रदान किया। शिविर में बदलते मौसम के कारण वायरल फीवर सहित विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित मरीज बड़ी संख्या में पहुंचे।शिविर का प्रमुख आकर्षण मरीजों के लिए उपलब्ध कराई गई निःशुल्क फाइब्रोस्कैन जांच रही। इस आधुनिक एवं दर्द रहित जांच के माध्यम से मरीजों के लिवर की स्थिति का आकलन किया गया। जांच के दौरान जीवनशैली से जुड़ी कई महत्वपूर्ण और चिंताजनक बातें सामने आईं। विशेष रूप से मधुमेह, मोटापे तथा नियमित शराब सेवन करने वाले मरीजों में फैटी लिवर और लिवर फाइब्रोसिस की समस्या अधिक देखने को मिली। लाइफस्टाइल का लिवर पर पड़ रहा *सीधा असर डॉ. हेमंत जैन ने बताया कि वर्तमान समय में अनियमित दिनचर्या, खान-पान में लापरवाही, शारीरिक गतिविधियों की कमी, मोटापा, मधुमेह तथा शराब का सेवन लिवर के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल हैं। कई बार शुरुआती अवस्था में फैटी लिवर के स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते, जिसके कारण मरीज बीमारी को गंभीरता से नहीं लेते। ऐसे में समय रहते जांच और चिकित्सकीय सलाह बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।शिविर में* फाइब्रोस्कैन जांच के माध्यम से मरीजों को उनके लिवर की स्थिति के बारे में जानकारी दी गई। यह जांच सामान्य तौर पर लिवर में फैट तथा फाइब्रोसिस जैसी स्थितियों के आकलन में उपयोगी होती है। मरीजों को जांच के बाद उनकी जीवनशैली में आवश्यक बदलाव करने, खान-पान पर नियंत्रण रखने और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार एवं नियमित जांच कराने के लिए समझाइश दी गई।मौसम परिवर्तन के बीच वायरल फीवर के मरीज अधिक पहुंचे अगस्त माह में मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर भी लोगों के स्वास्थ्य पर दिखाई दिया। शिविर में वायरल फीवर से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक रही। मरीजों में बुखार, कमजोरी एवं मौसम परिवर्तन से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर चिकित्सकीय परामर्श लिया गया। डॉ. जैन ने मरीजों को मौसम के अनुरूप सावधानी बरतने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, स्वच्छ एवं संतुलित भोजन लेने तथा आवश्यकता होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की बात कही।109 मरीजों को मिला निःशुल्क परामर्श 

शिविर के दौरान कुल 109 मरीजों की ओपीडी जांच की गई। मरीजों की स्वास्थ्य* समस्याओं को समझते हुए उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। शिविर में निःशुल्क परामर्श के साथ आधुनिक फाइब्रोस्कैन जांच की सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को काफी लाभ मिला,फाइब्रोस्कैन जांच के दौरान मरीजों को लिवर की स्थिति के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी गई तथा लिवर को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक सावधानियों से अवगत कराया गया। मरीजों को यह भी समझाया गया कि मधुमेह और मोटापे को नियंत्रित रखना तथा शराब के सेवन से बचना लिवर के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है,स्वास्थ्य जागरूकता के साथ बचाव पर दिया जोर शिविर का उद्देश्य केवल मरीजों की जांच करना ही नहीं, बल्कि उन्हें बीमारियों के प्रति जागरूक करना भी रहा। चिकित्सकीय परामर्श के दौरान मरीजों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित व्यायाम करने, संतुलित भोजन लेने और अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय-समय पर जांच कराने के लिए प्रेरित किया गया,विशेषज्ञों के अनुसार, लिवर से संबंधित कई समस्याएं प्रारंभिक चरण में सामान्य जीवनशैली में सुधार और चिकित्सकीय निगरानी से नियंत्रित की जा सकती हैं,इसलिए लोगों को लक्षणों की प्रतीक्षा करने के बजाय जोखिम कारक होने पर समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए।इनका रहा विशेष सहयोग निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर के सफल आयोजन में युवा समाजसेवी कौशल पाठक, अनिल शाक्य, मयंक पुरोहित, सोनू कुशवाहा, नरेंद्र कुशवाहा एवं जीतू हरिया का विशेष सहयोग रहा। सहयोगियों ने शिविर में आने वाले मरीजों की व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई।शिविर के माध्यम से एक ओर जहां 109 मरीजों को निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श एवं जांच का लाभ मिला , वहीं दूसरी ओर लिवर संबंधी बीमारियों और बदलती जीवनशैली के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर लोगों में जागरूकता भी बढ़ी।

रिपोर्टर - नितिन कुमार दांतरे

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