‘लखपति दीदी’ अभियान को मिलेगी नई गति, बैग और जूट उत्पाद तैयार करेंगी महिलाएं
देहरादून - मुख्यमंत्री के ‘लखपति दीदी’ संकल्प को गति देने की दिशा में विकासखंड सहसपुर के शंकरपुर में स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित सामान्य सुविधा केंद्र का शुभारंभ किया गया। केंद्र का उद्घाटन कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने किया। कार्यक्रम में सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर भी मौजूद रहे। जिला प्रशासन की पहल पर पुनर्जीवित किए गए इस केंद्र का संचालन आस्था क्लस्टर लेवल फेडरेशन कर रहा है। फेडरेशन से जुड़े 223 स्वयं सहायता समूहों की करीब 2,500 महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा। केंद्र में महिलाएं सिलाई, जूट बैग और कपड़े की थैलियों का निर्माण करेंगी। पर्यावरण अनुकूल इन उत्पादों से सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने में भी मदद मिलेगी।
कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि खादी ग्रामोद्योग के पुराने भवन को विभिन्न विभागों के समन्वय से पुनर्जीवित कर उत्पादन इकाई के रूप में विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस मॉडल को देहरादून तक सीमित न रखते हुए प्रदेश के अन्य जनपदों में भी लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब सवा पांच लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं, जिनमें तीन लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। शेष महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए भी योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।
महिला समूहों को तकनीकी प्रशिक्षण, उद्यमिता विकास और बाजार से जोड़ने के लिए आईआईएम काशीपुर के साथ एमओयू किया गया है। इसके माध्यम से महिलाओं को तकनीकी सहयोग और सरकार की ओर से आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। भविष्य में केंद्र को केवल बैग निर्माण तक सीमित नहीं रखा जाएगा। यहां विद्यालयी बच्चों की यूनिफॉर्म के साथ पुलिस, होमगार्ड और पीआरडी जवानों की वर्दियां तैयार करने की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि लंबे समय से बंद पड़े केंद्र को मशीनें उपलब्ध कराकर समेकित उत्पादन इकाई के रूप में विकसित किया गया है। जिला प्रशासन महिलाओं को प्रशिक्षण, उत्पादन, पैकेजिंग और बाजार उपलब्ध कराने में सहयोग करेगा।
महिला लाभार्थियों ने कहा कि केंद्र शुरू होने से उन्हें अपने क्षेत्र में ही रोजगार का अवसर मिला है। आधुनिक मशीनों और सामूहिक कार्य व्यवस्था से बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जिससे उनकी आय और आत्मविश्वास बढ़ने की उम्मीद है।
संवाददाता - प्रवचन सिंह
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