SIR के विरोध में चुनाव आयुक्त कार्यालय जा रहे नईम कुरैशी और आकिब कुरैशी गिरफ्तार
देहरादून : मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी और उपाध्यक्ष आकिब कुरैशी को चुनाव आयुक्त कार्यालय, उत्तराखंड जाते समय देहरादून पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने का मामला सामने आया है। संगठन ने इस कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए विरोध जताया है।
संगठन के पदाधिकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी चिंताओं के संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड से मुलाकात करना चाहते थे। संगठन का उद्देश्य मामले में निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाना था।
मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी ने कहा कि भारत का लोकतंत्र प्रत्येक नागरिक के मताधिकार पर आधारित है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान किसी भी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से हटाया जाना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कार्य करने की अपील की।
वहीं, संगठन के उपाध्यक्ष आकिब कुरैशी ने कहा कि गरीबों, बुजुर्गों, दिव्यांगों और दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे लोगों को मतदाता सूची की प्रक्रिया में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने SIR के तहत मतदाता सूची से नाम हटाने और नए नाम जोड़ने से संबंधित स्पष्ट आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की।
नईम कुरैशी और आकिब कुरैशी ने संयुक्त बयान में कहा कि वे गिरफ्तारी के डर से घरों में बैठने वाले नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्त कार्यालय जाते समय उन्हें गिरफ्तार किया गया। दोनों पदाधिकारियों ने ऐलान किया कि वे दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होंगे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
रिपोर्टर : प्रवचन सिंह

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