देहरादून में वोट चोरी व SIR के विरोध में सड़क पर उतरी आम आदमी पार्टी, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
देहरादून : मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को मसूरी-कैंट विधानसभा क्षेत्र में जोरदार प्रदर्शन किया। महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री और प्रदेश कोषाध्यक्ष शरद जैन के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाजपा और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। प्रदर्शन में आप की प्रदेश अध्यक्ष उमा गौड़ सिसोदिया और प्रदेश मीडिया प्रभारी विपिन खन्ना भी शामिल हुए। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से 48 घंटे के भीतर इस्तीफा देने, उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
प्रदर्शन के दौरान आप नेताओं ने भाजपा पर वोट चोरी के जरिए लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। नेताओं ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद हैं। यदि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं, तो निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि वह सभी आशंकाओं का निष्पक्ष समाधान करे और जनता के सामने सच्चाई रखे।
पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जवाबदेही से बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।
जनता के वोट की सुरक्षा जरूरी: उमा गौड़ सिसोदिया
आप की प्रदेश अध्यक्ष उमा गौड़ सिसोदिया ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता का मत है। प्रत्येक नागरिक को यह भरोसा होना चाहिए कि उसका वोट सुरक्षित है और चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो रही है।
उन्होंने कहा कि मताधिकार की पवित्रता को लेकर गंभीर सवाल उठने पर सरकार और निर्वाचन आयोग को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। लोकतंत्र में जनता के सवालों का जवाब देना संवैधानिक जिम्मेदारी है।
भाजपा पर चुनाव आयुक्त को बचाने का आरोप
प्रदेश मीडिया प्रभारी विपिन खन्ना ने कहा कि आम आदमी पार्टी लोकतंत्र और जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने में लगी है।
उन्होंने कहा कि चुनाव केवल सत्ता हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि जनता की इच्छा और विश्वास का प्रतिबिंब हैं। इसलिए चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
SIR पर रोक और नियुक्ति कानून रद्द करने की मांग
प्रदेश कोषाध्यक्ष शरद जैन ने मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए सभी राजनीतिक दलों और संवैधानिक संस्थाओं को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
आम आदमी पार्टी ने मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार 48 घंटे के भीतर इस्तीफा दें और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की जाए। पार्टी ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर तत्काल रोक लगाने तथा मतदाता सूचियों को जनवरी 2025 की स्थिति में बहाल करने की मांग भी उठाई।
इसके अलावा, आप नेताओं ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित वर्ष 2023 के कानून को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि नागरिक समाज की भागीदारी के साथ पारदर्शी चयन प्रक्रिया विकसित की जानी चाहिए।
महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री ने कहा कि जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पारदर्शी, जवाबदेह और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा और मताधिकार की सुरक्षा के लिए पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।
सैकड़ों कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल
प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष सुधा पटवाल, अशोक सेवाल, प्रदेश कोषाध्यक्ष शरद जैन, प्रदेश संयुक्त सचिव जितेन पंथ, शैलेश तिवारी, कमल राणा, सीपी सिंह, श्याम लाल नाथ, आप नेत्री सीमा कश्यप, प्रकाश शर्मा, ASAP अध्यक्ष अक्षय शर्मा, जिला अध्यक्ष गणेश कुड़ियाल, सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रिपोर्टर : प्रवचन सिंह

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