त्र्यंबक नगर की आंगनवाड़ी में ‘डिजिटल’ उड़ान जनसहयोग से स्मार्ट टीवी कंप्यूटर
देऊलगांव राजा - त्र्यंबक नगर स्थित क्रांतीज्योती कॉन्वेंट परिसर की आंगनवाड़ी क्रमांक 164 अब डिजिटल सुविधाओं से सुसज्जित हो गई है। नन्हे-मुन्ने बच्चों की शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए यहां विभिन्न शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इस डिजिटल आंगनवाड़ी का उद्घाटन एकात्मिक बाल विकास सेवा योजना नागरी परियोजना के अधिकारी श्री राठोड़ साहब तथा मुख्य सेविका श्रीमती किरण गुंजकर की उपस्थिति में किया गया।
कम उम्र में ही बच्चों के बौद्धिक, मानसिक, शारीरिक तथा सर्वांगीण विकास को गति मिले, इस उद्देश्य से आंगनवाड़ी में विभिन्न शैक्षणिक एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जनसहयोग से आंगनवाड़ी को स्मार्ट टीवी उपलब्ध कराया गया है। इससे बच्चों को दृश्य-श्रव्य माध्यम के जरिए विभिन्न शैक्षणिक विषयों को समझना अधिक आसान होगा।इससे पहले भी जनसहभागिता के माध्यम से आंगनवाड़ी को दस कुर्सियां तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विभिन्न गतिविधियों के लिए स्पीकर उपलब्ध कराया गया है। इससे आंगनवाड़ी में शैक्षणिक वातावरण के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं मनोरंजक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है।
अंग्रेजी माध्यम की प्रतिस्पर्धा में नन्हे बच्चों को सक्षम बनाने का प्रयास
आज के प्रतिस्पर्धात्मक शैक्षणिक वातावरण में अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए आंगनवाड़ी के बच्चों को भी आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण पूर्व-प्राथमिक शिक्षा मिले, इस उद्देश्य से तत्कालीन नगरसेविका सौ. शिंगणे मैडम ने कंप्यूटर भेंट किया था। कंप्यूटर, स्मार्ट टीवी और अन्य शैक्षणिक साधनों के माध्यम से बच्चों को तकनीक से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है।इस पहल को त्र्यंबक नगर परिसर के अभिभावकों की ओर से उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिल रहा है। आंगनवाड़ी के प्रति अभिभावकों का विश्वास बढ़ता दिखाई दे रहा है। आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने से अभिभावक अपने बच्चों को आंगनवाड़ी में ही शिक्षा के लिए भेज रहे हैं।
पहली कक्षा से पहले ही अध्ययन क्षमता विकसित करने का संकल्प
आंगनवाड़ी सेविका सौ. अनिता खरात मैडम ने बच्चों के शैक्षणिक विकास के लिए विशेष प्रयास करने की भूमिका व्यक्त की। पहली कक्षा में प्रवेश लेने से पहले ही प्रत्येक बच्चे की अध्ययन क्षमता विकसित हो तथा आगे की शिक्षा के लिए आवश्यक प्राथमिक ज्ञान एवं कौशल बच्चे आत्मसात कर सकें, इसके लिए हरसंभव प्रयास करने का आश्वासन उन्होंने अभिभावकों को दिया। डिजिटल साधनों का उचित उपयोग, विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अभिभावकों की सहभागिता के कारण आंगनवाड़ी के नन्हे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है।
जनसहभागिता से आकार ले रही आदर्श आंगनवाड़ी
आंगनवाड़ी के विकास के लिए केवल सरकारी व्यवस्था पर निर्भर न रहते हुए जनसहयोग और अभिभावकों की सहभागिता का आदर्श त्र्यंबक नगर में देखने को मिल रहा है। स्मार्ट टीवी, कुर्सियां, स्पीकर तथा कंप्यूटर जैसी सुविधाओं से आंगनवाड़ी अधिक आधुनिक, सुविधायुक्त और बच्चों के लिए उपयोगी बन गई है।इस उपक्रम की सफलता के लिए सौ. सुरेखा शिंगणे, सभी अभिभावकों तथा संबंधित सेविका एवं कर्मचारियों ने विशेष सहयोग किया। उनके सामूहिक प्रयासों से आंगनवाड़ी क्रमांक 164 में डिजिटल शिक्षा की नींव रखी गई है। भविष्य में भी इसी प्रकार जनसहभागिता के माध्यम से विभिन्न शैक्षणिक एवं सामाजिक उपक्रम संचालित करने का संकल्प व्यक्त किया गया।
रिपोर्टर - राजेश
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