बैराखेड़ी में 'दबंगई' के आगे प्रशासन पस्त,मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण से मंडरा रहा मौत का साया।
देवास - बैराखेड़ी एक तरफ सरकार सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त करने का अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर बैराखेड़ी में दबंगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने गांव की 'जीवनरेखा' यानी मुख्य मार्ग को ही अपनी जागीर समझ लिया है।
सड़क पर भूसा, ग्रामीणों में गुस्सा
ग्राम बैराखेड़ी के मुख्य मार्ग पर दबंगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर सड़क के किनारे झोपड़ी तान दी गई है। इतना ही नहीं, भारी मात्रा में भूसा सड़क तक फैला दिया गया है, जिससे चौड़ा मार्ग अब एक संकरी गली में तब्दील हो चुका है।
"सड़क के किनारे फैला यह भूसा और अवैध कब्जा किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रहा है। रात के अंधेरे में यहां से गुजरना जान जोखिम में डालने जैसा है।" — स्थानीय निवासी
प्रशासन की 'रहस्यमयी' चुप्पी
हैरानी की बात यह है कि ग्रामीण इस मामले की लिखित शिकायत 07/04/26 को। जिम्मेदार अधिकारियों को दे चुके हैं, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा। अधिकारियों की इस चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं: क्या प्रशासन किसी बड़े सड़क हादसे का इंतजार कर रहा है ? क्या रसूखदारों के दबाव में अधिकारी अपनी आंखें मूंदे बैठे हैं ?
जब आम आदमी पर कानून का डंडा तुरंत चलता है, तो इन दबंगों पर मेहरबानी क्यों?
खतरे की घंटी: हादसों को न्योता
सड़क संकरी होने के कारण दो वाहनों का एक साथ गुजरना मुश्किल हो गया है। विशेषकर रात के समय दृश्यता (Visibility) कम होने की स्थिति में, सड़क पर फैला भूसा दोपहिया वाहनों के फिसलने और बड़े वाहनों की भिड़ंत का कारण बन सकता है।
चेतावनी: अब आर-पार की लड़ाई
ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही कुंभकर्णी नींद से जागकर इस अतिक्रमण को नहीं हटाया, तो वे उच्च अधिकारियों और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक गुहार लगाएंगे। ग्रामीणों की मांग है कि: तत्काल प्रभाव से सड़क से भूसा और अवैध झोपड़ी हटाई जाए। सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले दोषियों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई हो।
तहसीलदार नेहा शाह को फोन लगाया उन्होंने फोन रिसीव नही किया।
रिपोर्टर : साजिद पठान

No Previous Comments found.