गंधर्वपुरी को बड़ी सौगात: ₹2.27 करोड़ की लागत से बनेंगी दो नई पुलिया, विधायक डॉ. सोनकर ने किया भूमि पूजन
देवास : ग्राम गंधर्वपुरी के निवासियों के लिए विकास का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही आवागमन की समस्या को हल करते हुए रविवार शाम को दो महत्वपूर्ण पुलियाओं का भूमि पूजन संपन्न हुआ। क्षेत्रीय विधायक डॉ. राजेश सोनकर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर निर्माण कार्य की आधारशिला रखी।
वादा निभाया: बारिश की मुश्किलों से मिलेगी मुक्ति
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. सोनकर ने कहा कि सोमवती नदी और श्मशान घाट के नाले पर बड़ी पुलिया न होने के कारण ग्रामीणों को, विशेषकर मानसून के दौरान, भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान ग्रामीणों ने इस समस्या से उन्हें अवगत कराया था। इसे प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सहयोग से क्षेत्र को यह सौगात दिलाई गई है।
बजट और निर्माण का विवरण
इन दो पुलियाओं के निर्माण पर कुल ₹2.27 करोड़ खर्च किए जाएंगे:
सोमवती नदी तट: ₹1.55 करोड़ की लागत से बड़ी पुलिया का निर्माण।
श्मशान घाट नाला: ₹72 लाख की लागत से पुलिया का निर्माण।
भव्य स्वागत और नागरिक अभिनंदन
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बनता था। ग्रामीणों ने जुलूस निकालकर और जगह-जगह पुष्प वर्षा कर अतिथियों का भव्य स्वागत किया। रोहित दुबे ने नागरिक अभिनंदन पत्र का वाचन किया। कार्यक्रम का संचालन संजय गोस्वामी ने किया और आभार लोकेंद्र सिंह कुशवाह द्वारा व्यक्त किया गया।
गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर पूर्व जिला महामंत्री बहादुर सिंह पिलवानी, पूर्व मंडल अध्यक्ष पृथ्वीराज सिंह राजापुर, मंडल अध्यक्ष हरेंद्र सिंह पिलवानी, विजेंद्र सिंह मनासा और छगन लाल पंवार सहित कई गणमान्य नागरिक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
व्यवस्था संभालने में बजरंग दल अध्यक्ष दिलीप बागवान, धर्मेंद्र सेंधालकर, महेश कुशवाहा, जसमत कुशवाह, ईश्वर कुशवाह, दिलीप कुशवाह, आकाश पवार, जितेंद्र कुशवाह, दीपक कुशवाह, कुलदीप कुशवाह और राहुल सिंह दरबार का विशेष योगदान रहा।
विकास का संकल्प: शिलालेख के अनावरण के साथ ही अब जल्द ही निर्माण कार्य धरातल पर शुरू हो जाएगा। इन पुलियाओं के बनने से न केवल गांव का संपर्क बेहतर होगा, बल्कि किसानों और आम जनता को हर मौसम में सुरक्षित रास्ता मिल सकेगा।
रिपोर्टर : साजिद पठान


No Previous Comments found.