देवास पुलिस का बड़ा कदम: हर विवेचक बना 'स्मार्ट विवेचक', 'ई-विवेचना' से पीड़ितों को समय पर न्याय और अपराधियों को मिलेगी तुरंत सजा

​देवास : "पीड़ितों को समय पर न्याय" दिलाने संबंधी भारतीय न्याय संहिता  की संकल्पना को धरातल पर उतारने की दिशा में मध्यप्रदेश के देवास जिले ने एक ऐतिहासिक और सशक्त कदम उठाया है। अब देवास पुलिस का प्रत्येक विवेचक 'स्मार्ट विवेचक' कहलाएगा, क्योंकि जिले में अब अपराधों की पारंपरिक विवेचना का स्थान आधुनिक 'ई-विवेचना' लेगी।

​राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (SCRB), पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा सीसीटीएनएस परियोजना के अंतर्गत जिला देवास को ई-विवेचना प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु 374 टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। माननीय डीजीपी  कैलाश मकवाना के कुशल निर्देशन में प्राप्त हुए इन टैबलेट्स के वितरण हेतु आज, 04 जून 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय देवास के सभागार में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
​डीआईजी और एसपी ने सौंपे टैबलेट्स, बताया डिजिटल पुलिसिंग का महत्व
​टैबलेट वितरण कार्यक्रम में उज्जैन रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक  नवनीत भसीन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने जिले के विवेचकों को खुद अपने हाथों से टैबलेट्स वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने टैबलेट्स की उपयोगिता, इनके प्रयोग से विवेचना में आने वाली पारदर्शिता और समयबद्धता से सभी को अवगत कराया।
​"ई-विवेचना एप्लीकेशन पुलिस अनुसंधान प्रणाली को आधुनिक, डिजिटल एवं अधिक प्रभावी स्वरूप प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे विवेचना की गुणवत्ता में सुधार होगा, अनुसंधान कार्य में गति आएगी तथा न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायता मिलेगी।"
—  नवनीत भसीन, डीआईजी (उज्जैन रेंज)
​कार्यक्रम के दौरान देवास के पुलिस अधीक्षक  पुनीत गेहलोद ने तकनीक के इस व्यापक प्रयोग को त्वरित न्याय की तरफ प्रस्थान की दिशा में मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि ई-विवेचना से अब कागजी कार्यवाही और पत्रों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर लाने-ले जाने में लगने वाले समय की भारी बचत होगी। इसके परिणामस्वरूप, अपराधों की चार्जशीट (आरोप पत्र) बिल्कुल समय पर न्यायालय में प्रस्तुत की जा सकेगी।
​पारदर्शी होगी जांच, समय पर मिलेगी सजा
​इस नई डिजिटल व्यवस्था के लागू होने से अब प्रकरणों की विवेचना, दस्तावेजों का डिजिटल संधारण, साक्ष्य संकलन, केस डायरी लेखन एवं अनुसंधान संबंधी अन्य सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह पारदर्शी, त्वरित एवं तकनीकी रूप से सक्षम हो सकेंगी। इसका सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा—पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सकेगा और अपराधियों को समय पर सजाएं सुनिश्चित की जा सकेंगी।
​इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  जयवीर सिंह भदौरिया, जिले के सभी थाना प्रभारीगण एवं समस्त विवेचक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
​ई-विवेचना और डिजिटल पुलिसिंग के प्रमुख बिंदु:
​374 टैबलेट्स का वितरण: पुलिस मुख्यालय से प्राप्त सभी टैबलेट्स जिले के विवेचकों को सौंपे गए।
​विशेष प्रशिक्षण: विवेचकों को ई-विवेचना एप्लीकेशन के प्रभावी उपयोग और डिजिटल अनुसंधान प्रक्रिया का विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया।
​समय की बचत: कागजी कार्यवाही कम होने से फाइलों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
​त्वरित चार्जशीट: तकनीकी रूप से सुदृढ़ होने के बाद अब समय सीमा के भीतर कोर्ट में चार्जशीट पेश होगी।
​स्मार्ट पुलिसिंग: देवास पुलिस द्वारा तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देकर नागरिकों को बेहतर, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास।

रिपोर्टर : साजिद पठान

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