आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी पर देवास कलेक्टर सख्त: राशन सामग्री की अफरा-तफरी करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
देवास : जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता लाने और आवश्यक वस्तुओं की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने गेहूं, एलपीजी, शक्कर, नमक जैसी आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी, जमाखोरी और शासकीय राशन सामग्री का व्यपवर्तन करने वाले असामाजिक तत्वों और विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए हैं। गंभीर मामलों में रासुका जैसी सख्त धाराओं (PBM Act) के तहत होगी गिरफ्तारी कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अत्यावश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 का उल्लंघन करने वालों पर अभियोजन की कार्रवाई तो होगी ही, साथ ही गंभीर मामलों में ‘चोरबाजारी निवारण एवं आवश्यक वस्तु प्रदाय अधिनियम, 1980’ (Prevention of Blackmarketing and Maintenance of Supplies of Essential Commodities Act) के तहत दोषियों को निरुद्ध (Detain) करने की कार्रवाई भी की जाएगी। इस अधिनियम की धारा 3(1) के तहत जिला मजिस्ट्रेट को यह अधिकार प्राप्त है कि वे आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित करने वालों को हिरासत में ले सकें।
ऑनलाइन भौतिक सत्यापन के बाद भी गड़बड़ी करने वालों पर नजर
जिले की शासकीय उचित मूल्य (PDS) दुकानों में राशन के वास्तविक स्टॉक और पीओएस (PoS) मशीन के आंकड़ों के अंतर को खत्म करने के लिए ऑनलाइन सत्यापन का कार्य पूरा कराया जा चुका है।
इसके बावजूद कुछ दुकान प्रबंधकों, विक्रेताओं और संचालकों द्वारा बार-बार खाद्यान्न की हेराफेरी करने के मामले प्रकाश में आए हैं। कलेक्टर ने इसे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के उद्देश्यों पर कुठाराघात बताते हुए कहा कि पात्र परिवारों के हक का राशन मारने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्य निर्देश एवं मुख्य बिंदु:
पारदर्शिता प्राथमिकता: पात्र हितग्राहियों को सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर अथवा निःशुल्क राशन बिना किसी बाधा के मिले, यह शासन की पहली प्राथमिकता है।
परिवहन और भंडारण पर कड़ी निगरानी: राशन सामग्री के परिवहन, भंडारण या वितरण के दौरान होने वाली अफरा-तफरी को रोकने के लिए नियमित जांच की जाएगी।
मासिक रिपोर्ट: कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को दोनों अधिनियमों के तहत नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने और इसकी मासिक प्रगति रिपोर्ट आयुक्त-सह-संचालक (खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण) को भेजने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर का कड़ा संदेश:
"शासकीय राशन गरीबों और पात्र परिवारों का अधिकार है। इसमें किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आपूर्ति में बाधा डालने वाले दोषियों के खिलाफ निरुद्ध करने जैसी कठोरतम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।"
रिपोर्टर : साजिद पठान

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