जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया समेत 3 अधिकारी तत्काल प्रभाव से निलंबित
देवास : शराब कांड के बाद आबकारी विभाग में बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर अंकुश लगाने में नाकाम रहने और कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने के आरोप में आबकारी आयुक्त, मध्यप्रदेश ने देवास जिले के तीन आबकारी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना द्वारा 27 अक्टूबर 2026 को जारी अलग-अलग आदेशों के तहत निम्नलिखित अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई की गई है:
बसंती भूरिया — जिला आबकारी अधिकारी, देवास
निलेश कुमार पवार — सहायक जिला आबकारी अधिकारी (कन्नौद–खातेगांव मंडल)
राजश्री खन्ना — आबकारी उपनिरीक्षक, देवास
लापरवाही और शिथिलता का उल्लेख
विभागीय आदेशों में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण व बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण और पर्यवेक्षण में प्रथमदृष्टया घोर लापरवाही व शिथिलता बरती गई। जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया के निलंबन आदेश में यह भी रेखांकित किया गया है कि उन्होंने अपने अधीनस्थ अमले की गतिविधियों पर समुचित निगरानी नहीं रखी।
उज्जैन उड़नदस्ता बनाया गया मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान तीनों अधिकारियों का मुख्यालय 'उप आयुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता, उज्जैन' निर्धारित किया गया है। तीनों ही निलंबन आदेशों पर आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना के डिजिटल हस्ताक्षर दर्ज हैं। शासन की इस सख्त कार्रवाई से आबकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।
रिपोर्टर : साजिद पठान

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