सरारनाला की नहर बनी ‘रोजगार की राह’, 245 श्रमिकों के हाथों संवर रही खेतों की तकदीर
दुर्ग/धमधा : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास का मजबूत माध्यम बनकर उभर रही है। दुर्ग जिले के जनपद पंचायत धमधा अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहलई में समुदाय के लिए वाटर कोर्स कैनाल की मरम्मत एवं रखरखाव का कार्य तेजी से किया जा रहा है। सरारनाला से प्रहलाद निषाद के खेत तक संचालित इस महत्वपूर्ण कार्य में वर्तमान में 245 श्रमिक रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।
मनरेगा के माध्यम से ग्रामीणों को उनके गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ ऐसी स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा रहा है, जिनका लाभ आने वाले वर्षों तक किसानों और ग्रामीण समुदाय को मिलता रहेगा। मोहलई में चल रहा यह कैनाल मरम्मत कार्य भी इसी उद्देश्य को पूरा कर रहा है। नहर की मरम्मत होने से खेतों तक पानी की पहुंच बेहतर होगी, सिंचाई व्यवस्था मजबूत बनेगी और कृषि उत्पादन में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ेंगी।
जिले में कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे के निर्देशन में मनरेगा के कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। जिले की सभी 300 ग्राम पंचायतों में वर्तमान में 3923 निर्माण कार्य प्रगति पर हैं, जिनके माध्यम से 66 हजार 663 से अधिक ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में अमृत सरोवर निर्माण, नवीन तालाब निर्माण, तालाब गहरीकरण, आजीविका डबरी, वाटर हार्वेस्टिंग टैंक, कच्ची सिंचाई नाली निर्माण तथा अन्य श्रममूलक कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इन कार्यों से जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन और ग्रामीण अधोसंरचना विकास को नई गति मिल रही है।
जिले में अब तक 21 लाख 45 हजार 386 मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं। वहीं 2093 परिवारों को 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया गया है तथा 600 दिव्यांग परिवारों को भी रोजगार से जोड़ा गया है। मनरेगा के तहत अब तक 36 करोड़ 29 लाख 70 हजार रुपये की मजदूरी राशि का भुगतान श्रमिकों के बैंक खातों में किया जा चुका है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग श्री बजरंग कुमार दुबे ने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं है, बल्कि यह जल संरक्षण, कृषि विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम भी है। मोहलई में संचालित कैनाल मरम्मत कार्य से किसानों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा और क्षेत्र में कृषि गतिविधियों को नई मजबूती प्राप्त होगी।
ग्राम पंचायत मोहलई में चल रहा यह कार्य इस बात का उदाहरण है कि मनरेगा के माध्यम से एक ओर ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है, तो दूसरी ओर गांवों में विकास की स्थायी नींव भी रखी जा रही है।
रिपोर्टर : धर्मेंद्र गुप्ता
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