कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं पर महंगाई की मार
एटा : कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं पर महंगाई का नया बोझ पड़ा है। हाल ही में कमर्शियल गैस सिलिंडरों की कीमतों में भारी वृद्धि की गई है। 19 किलो के सिलिंडर की कीमत में 991.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जबकि छोटे कमर्शियल सिलिंडर की कीमत में 242 रुपये का इजाफा हुआ है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यह मूल्य वृद्धि उनके व्यवसाय पर नकारात्मक प्रभाव डालेगी।
सरकार ने पांच किलो के सिलिंडर का विकल्प उपलब्ध कराया है, लेकिन इसके दाम बढ़ने से उपभोक्ता चिंतित हैं। जिले में लगभग एक हजार कमर्शियल सिलिंडर धारक हैं, जिनमें से अधिकांश का उपयोग बड़े होटलों और औद्योगिक क्षेत्रों में किया जाता है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बढ़ती लागत के कारण उत्पादन में वृद्धि होगी, जिससे वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ेंगी और इस प्रकार व्यवसाय प्रभावित होगा। चिकोरी प्लांट में कमर्शियल सिलिंडर का अधिक उपयोग होता है।
एक होटल संचालक ने बताया कि उनके पास कमर्शियल कनेक्शन है और अचानक बढ़ी कीमतों के कारण उन्हें खानपान की वस्तुओं की कीमतें बढ़ानी पड़ सकती हैं। सिलिंडर की बढ़ती कीमतों का असर ग्राहकों की जेब पर भी पड़ेगा। पहले 19 किलो के कमर्शियल सिलिंडर की कीमत 2158 रुपये थी, जो अब बढ़कर 3149.50 रुपये हो गई है। वहीं, पांच किलो के कमर्शियल सिलिंडर की कीमत 630 रुपये से बढ़कर 872 रुपये हो गई है। छोटे सिलिंडर का उपयोग ठेले, खोमचे और ढाबों द्वारा किया जाता है, और उपभोक्ताओं का कहना है कि यह अचानक महंगाई उन पर बोझ डाल देगी।
खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण महंगाई का यह असर देखा जा रहा है। यह पहले से ही अनुमानित था कि विभिन्न राज्यों में चुनाव समाप्त होने के बाद कमर्शियल सिलिंडरों की कीमतें बढ़ सकती हैं, और अब यह सच साबित हुआ है।
कासगंज रोड पर स्थित एक ढाबा संचालक संजय का कहना है कि उन्होंने पांच किलो का कमर्शियल सिलिंडर लिया है, लेकिन अब गैस जलाना महंगा हो गया है।
घरेलू सिलिंडर केवल घर के लिए उपलब्ध हैं, जिससे उन्हें खानपान की वस्तुएं भट्टी पर बनानी पड़ रही हैं। दूसरी ओर, व्यवसायियों का कहना है कि इतनी सख्ती कर दी गई है कि बिना बुकिंग के सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है, और ओटीपी देना अनिवार्य हो गया है। कमर्शियल सिलिंडर के दाम बढ़ने से व्यापार पर असर पड़ेगा। बड़े सिलिंडर को तो छोड़िए खोमचे के भी रेट बढ़ दिए गए हैं। परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
राकेश कुमार, ठंडी सड़क
कमर्शियल सिलिंडर का उपयोग करना अब महंगा साबित हो रहा है। इसलिए हम कोयला की भट्टी से अपना काम चला रहे हैं।
अंकित गुप्ता, जीटी रोड
शादी समारोहों के लिए सिलिंडर लेना हुआ महंगा
शादी समारोहों के दौरान सिलिंडर लेना भी महंगा हो गया है। सरकार ने आदेश जारी किया है कि जिनके यहां निजी कार्यक्रम हैं, उन्हें कमर्शियल सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएं। लेकिन अब इन सिलिंडरों की बढ़ी कीमतों के कारण कार्यक्रम आयोजकों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।
खानपान की चीजें होंगी महंगी
सिलिंडर के रेट बढ़ने से सबसे ज्यादा असर खानपान की चीजों पर पड़ेगा। ठेले, खोमचे वाले छोटे कमर्शियल सिलिंडर का इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि घरेलू गैस का उपयोग करना वर्जित है। ठेली संचालक रवि ने बताया कि वह चाऊमीन, बर्गर, मोमोज आदि की रेहड़ी लगाता है। जब गैस महंगी मिलेगी तो मजबूरन हमें खाद्य पदार्थ के रेट बढ़ाने पड़ेंगे। सिलिंडर पर महंगाई का असर सिर्फ व्यवसायियों पर ही नहीं, ग्राहकों की जेब पर भी पड़ने जा रहा है।
रिपोर्टर : लखन यादव


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