बेटियों के मान-सम्मान और सुरक्षा के लिए खाकी का ऐतिहासिक और आत्मीय कदम

इटावा - दहशत के साये और डिजिटल ठगी के दौर में आज इटावा की चौबिया पुलिस ने वह कर दिखाया, जिसने हर आँख में आत्मीयता के आँसू और हर दिल में एक नया विश्वास जगा दिया है! माननीय मुख्यमंत्री जी के सपनों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव के सख्त व संवेदनशील निर्देशों के तहत चल रहे 'मिशन शक्ति फेज-5' के दूसरे चरण ने आज थाना चौबिया क्षेत्र में एक ऐसा क्रांतिकारी और भावात्मक रूप दिखाया, जिसने आमजन को झकझोर कर रख दिया।

जब खाकी वर्दी वाले थानों की चारदीवारी से निकलकर सीधे गाँव और गलियों की चौपालों में पहुँचे, तो महिलाओं और बालिकाओं के चेहरों पर जो सुकून और सुरक्षा का भाव दिखा, वह वाकई अद्भुत था। पुलिस कर्मियों ने यहाँ सिर्फ कागजी औपचारिकताएं पूरी नहीं कीं, बल्कि माताओं और बहनों को गले लगाने जैसा आत्मीय अहसास कराते हुए उन्हें उनके अधिकारों का पाठ पढ़ाया। '112' की गूंज और '1090' का हौसला: अब कोई नहीं उठा सकेगा बुरी नजर! कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने एक-एक महिला और बच्ची को उन संजीवनी हेल्पलाइन नंबरों से रूबरू कराया, जो संकट के समय उनके लिए ढाल बनते हैं। चाहे आपातकाल में पुलिस की मदद के लिए 112 हो, माताओं-बहनों की रक्षा के लिए 1090 (वूमेन पावर लाइन), 181 (महिला हेल्पलाइन), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), या फिर 1076 (मुख्यमंत्री हेल्पलाइन) और स्वास्थ्य सेवाएं 102 व 108—इन सभी नंबरों को आज हर जुबान पर ला दिया गया ताकि जरूरत पड़ने पर कोई भी बेटी खुद को अकेला महसूस न करे।

साइबर ठगों के होश फाख्ता: पुलिस ने सिखाया डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने का गुर! आज के इस तकनीकी युग में जहाँ शातिर ठग मासूमों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहे हैं, वहीं इटावा पुलिस ने महिलाओं को साइबर योद्धा बना दिया है। पुलिस टीम ने बड़े ही सरल और रोचक अंदाज में समझाया कि कैसे एक छोटा सा 'ओटीपी' या अंजान 'लिंक' जीवनभर की पूंजी मिटा सकता है। किसी भी अंजान शख्स को अपनी पर्सनल डिटेल्स न देने और सोशल मीडिया पर पूरी सतर्कता बरतने की ऐसी सीख दी गई, जिसे सुनकर हर कोई चौकन्ना हो गया। हाथों में पम्पलेट और आँखों में उम्मीद की चमक!
जब महिलाओं के हाथों में जागरूकता पम्पलेट्स सौंपे गए, तो उनके चेहरों की चमक बता रही थी कि अब वे डरने वाली नहीं, बल्कि डटकर मुकाबला करने वाली हैं। इटावा पुलिस का यह अभियान सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि घर-घर में यह अलख जगाने का महाअभियान है कि—"नारी का सम्मान, इटावा पुलिस की पहचान!

रिपोर्टर - देवेन्द्र

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