खरीफ सीजन में बंपर पैदावार का सुनहरा अवसर
इटावा : जनपद के किसान भाइयों के लिए एक अत्यंत उत्साहजनक और महत्वपूर्ण खुशखबरी सामने आई है, जो आने वाले खरीफ सीजन 2026 में खेती को नई दिशा और आर्थिक मजबूती प्रदान करेगी। उप कृषि निदेशक श्री आर. एन. सिंह ने जनपद के समस्त कृषकों को सूचित करते हुए बताया है कि कृषि विभाग द्वारा खरीफ फसलों के लिए बीज अनुदान पर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ कर दिया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले उन्नत बीज किफायती दरों पर उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी फसलों की पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकें। श्री आर. एन. सिंह ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष धान, बाजरा, मक्का, मूंग, अरहर तथा अन्य विभिन्न प्रकार की मिनीकिट फसलों के बीजों को अनुदानित दरों पर प्राप्त किया जा सकता है।
ऑनलाइन सुविधा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उप कृषि निदेशक ने बताया कि अब किसानों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि वे अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर के माध्यम से विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://agriculture.up.gov.in/ पर जाकर घर बैठे ही बीज बुकिंग की प्रक्रिया को पूरी कर सकते हैं। उन्होंने उन किसानों के लिए भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं जो अभी तक विभागीय पोर्टल पर पंजीकृत नहीं हैं कि उन्हें बिल्कुल भी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उक्त वेबसाइट पर नया पंजीकरण कराने की सुविधा भी उपलब्ध है जिसे वे चंद मिनटों में पूरा कर सकते हैं। श्री आर. एन. सिंह ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि बुकिंग के लिए 10 मई 2026 तक का समय निर्धारित किया गया है और यदि मांग के सापेक्ष आवेदन अधिक प्राप्त होते हैं, तो बीजों का वितरण पूर्णतया निष्पक्ष तरीके से ई-लॉटरी के जरिए सुनिश्चित किया जाएगा।
उप कृषि निदेशक श्री आर. एन. सिंह ने सभी किसान भाइयों को सलाह दी है कि बुकिंग करते समय अपने सक्रिय मोबाइल नंबर को अपने साथ रखें क्योंकि ओटीपी आधारित सत्यापन के माध्यम से ही बुकिंग की प्रक्रिया मान्य होगी। उन्होंने अंत में सभी किसानों से आह्वान किया है कि वे इस निर्धारित समय सीमा का विशेष ध्यान रखें और समय रहते अपनी बुकिंग सुनिश्चित करें ताकि वे समय से बुवाई कर सकें और खेती को अधिक उन्नत, आसान एवं किफायती बना सकें। विभाग का यह प्रयास इटावा के कृषि क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाने वाला है, जिससे न केवल किसानों की लागत में कमी आएगी बल्कि उनकी आय में भी निश्चित रूप से बढ़ोतरी होगी।
रिपोर्टर : देवेन्द्र सिंह


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