सलाम इटावा पुलिस! मात्र 120 मिनट में थमी माँ की सांसें लौटा लाए कोतवाल यशवंत सिंह और उनकी टीम

इटावा :  इटावा की तंग और व्यस्त गलियों में उस वक्त कोहराम मच गया जब सती मोहल्ला का रहने वाला ढाई साल का मासूम अव्यांश उर्फ दरसु घर के बाहर खेलते-खेलते अचानक कहीं ओझल हो गया। पिता के साए से पहले से ही महरूम इस मासूम के गायब होते ही पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बदहवास मां और रोते-बिलखते परिजन चीख-पुकार करते हुए गली-कूचों में अपने जिगर के टुकड़े को ढूंढ रहे थे, लेकिन वक्त रेत की तरह फिसलता जा रहा था और मासूम का कहीं कोई सुराग नहीं मिल रहा था। हर बीतता पल परिवार की सांसें अटका रहा था और अनहोनी का डर दिल को बैठाए जा रहा था।
जब उम्मीदें दम तोड़ने लगीं, तब इस संवेदनशील मामले की सूचना थाना कोतवाली पुलिस को दी गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बिना एक पल गंवाए मामले की कमान संभाली और उनके निर्देशन में 'ऑपरेशन मुस्कान' को धरातल पर उतारने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया।
इस मिशन को अंजाम देने के लिए प्रभारी निरीक्षक श्री यशवंत सिंह और नौरंगाबाद चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अरुण चौधरी के नेतृत्व में पुलिस की जांबाज टीम मैदान में उतरी। टीम के अन्य जांबाज सदस्यों— हेड कांस्टेबल ज्ञानेंद्र कुमार कटियार, कांस्टेबल रवि देव और कांस्टेबल रूपेंद्र शुक्ला ने मानो अपनी खुद की संतान को ढूंढने जैसी तड़प दिखाई। पुलिस के इन जवानों ने एक तरफ जहां आधुनिक तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का जाल बिछाया, वहीं दूसरी तरफ जमीन पर मैनुअल खाक छाननी शुरू कर दी।
सड़कें नापी जा रही थीं, हर चेहरे को खंगाला जा रहा था और पुलिस की धड़कनें भी वक्त के साथ रेस लगा रही थीं। आखिरकार, महज़ दो घंटे के सांसें रोक देने वाले सस्पेंस और कड़े सघन अभियान के बाद पुलिस टीम को उस वक्त बड़ी कामयाबी हाथ लगी जब मासूम अव्यांश पथवारिया मस्जिद के पास अकेला और सहमा हुआ मिल गया।
जैसे ही खाकी की महफूज बांहों ने उस मासूम को अपनी गोद में उठाया, पूरे पुलिस महकमे ने राहत की सांस ली। जब कोतवाली पुलिस ने उस ढाई साल के कलेजे के टुकड़े को उसकी मां की सूनी गोद में दोबारा सौंपा, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें छलक आईं। रोते-रोते सूख चुके मां के आंसू अब खुशी की बौछार में बदल चुके थे और अपनों को पाकर मासूम के चेहरे की वो खिलखिलाती मुस्कान लौट आई थी, जिसे देखने के लिए पूरा इलाका दुआएं मांग रहा था।
वाकई, इटावा पुलिस की इस जांबाज टीम ने महज़ दो घंटे में 'ऑपरेशन मुस्कान' के जरिए न सिर्फ एक बच्चे को बरामद किया, बल्कि खाकी के प्रति जनता के विश्वास को एक नए आसमान पर पहुंचा दिया। भावुक परिजनों ने रोते हुए एसएसपी इटावा सहित पूरी पुलिस टीम का हाथ जोड़कर सहृदय आभार जताया कि उन्होंने उनके घर का चिराग बुझने से बचा लिया।

रिपोर्टर : देवेन्द्र

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