आसरेली ग्रामसभा में लाखों रुपये के कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा गरमाया
गडचिरोली : सिरोंचा तहसील के आसरेली ग्राम पंचायत में 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित ग्रामसभा में ग्राम पंचायत के विकास कार्यों और विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत प्राप्त निधि के कथित दुरुपयोग का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया गया। गांव के नागरिकों एवं शिक्षित युवाओं ने वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक ग्राम पंचायत को प्राप्त विभिन्न योजनाओं की निधि के खर्च और बैंक खातों से की गई राशि निकासी पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषी पाए जाने वाले संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की मांग की।
ग्रामसभा में नागरिकों का आरोप था कि विभिन्न विकास योजनाओं के लिए सरकार से लाखों रुपये की निधि प्राप्त होने के बावजूद गांव में अपेक्षित स्तर पर विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहे हैं। आरोप लगाया गया कि संबंधित ग्राम पंचायत पदाधिकारियों की कथित मिलीभगत से सक्षम एवं आवश्यक विकासात्मक कार्य किए बिना ही निधि की राशि बैंक खातों से निकाली गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।
घरकुल योजना में लाभार्थियों से पैसे लेने का आरोप
ग्रामसभा में प्रधानमंत्री आवास/घरकुल योजना का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। नागरिकों ने आरोप लगाया कि घरकुल योजना के लाभार्थियों से प्रति व्यक्ति 5 हजार रुपये की कथित वसूली की गई। ग्रामीणों ने इस मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने तथा यदि अनियमितता प्रमाणित होती है तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
गांव में सड़क, स्वच्छता और कचरा प्रबंधन की समस्या
आसरेली गांव में सड़क व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी दिखाई दी। नागरिकों का कहना था कि गांव की कई सड़कों की स्थिति खराब है, जिससे बारिश के मौसम में कीचड़ और आवागमन की समस्या बढ़ जाती है।
वहीं, लाखों रुपये की लागत से गीला एवं सूखा कचरा संग्रहण के लिए वाहन खरीदे जाने के बावजूद गांव में जगह-जगह कचरा जमा होने का आरोप लगाया गया। ग्रामीणों के अनुसार कचरे के कारण दुर्गंध, गंदगी और बीमारी का खतरा बना हुआ है। ग्रामसभा में सवाल उठाया गया कि यदि कचरा वाहनों की खरीद पर बड़ी राशि खर्च की गई है तो उनका प्रभावी उपयोग क्यों नहीं हो रहा है।
आवारा पशुओं से यातायात प्रभावित
गांव की मुख्य सड़क और गलियों में आवारा पशुओं के घूमने से यातायात प्रभावित होने का मुद्दा भी ग्रामसभा में उठाया गया। ग्रामीणों ने पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं और आवागमन की परेशानी को देखते हुए उचित व्यवस्था करने की मांग की।
ग्रामसभा में नागरिकों ने स्पष्ट कहा कि ग्राम पंचायत को प्राप्त सरकारी निधि का उपयोग पारदर्शी तरीके से होना चाहिए और प्रत्येक विकास कार्य की जानकारी ग्रामसभा के समक्ष रखी जानी चाहिए। साथ ही पिछले वर्षों में प्राप्त निधि, किए गए कार्य, खर्च की गई राशि तथा बैंक से निकाली गई रकम का रिकॉर्ड सार्वजनिक कर सामाजिक स्तर पर इसकी जांच कराने की मांग की गई।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत आसरेली के सरपंच/प्रशासक रमेश तैनेनी, ग्राम विकास अधिकारी ज्योती कमटम, सडवली गुडूरी, प्रतिष्ठित नागरिक गजानन कलाक्षपवार, आंगनवाड़ी सेविका, आशा सेविका सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवक एवं नागरिक उपस्थित थे।
ग्रामसभा में उठाए गए आरोपों के बाद अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की ओर है। नागरिकों ने मांग की है कि वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक ग्राम पंचायत को प्राप्त निधि और उसके उपयोग की दस्तावेजों के आधार पर स्वतंत्र जांच की जाए तथा जांच में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता सामने आने पर संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम
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