गडचिरोली की नकली नोटों की जड़ें सीधे नागपुर तक; इंजीनियर भाइयों समेत चार गिरफ्तार
गडचिरोली : गडचिरोली शहर के एक एटीएम में 100 रुपये के नकली नोट जमा करने की कोशिश का खुलासा होने के बाद पुलिस जांच में अंतरजिला रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले की कड़ियां सीधे नागपुर तक पहुंचीं, जहां दो इंजीनियर भाइयों के फ्लैट में अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से नकली नोट छापे जाने का खुलासा हुआ। गडचिरोली पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, 11 मई को कारगिल चौक स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एटीएम में 100 रुपये के 21 नोट जमा करने का प्रयास किया गया था। हालांकि मशीन ने इन नोटों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। बैंक द्वारा जांच करने पर सभी नोट नकली पाए गए। इसके बाद बैंक प्रबंधक प्रतीक अनासाने की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान प्रमोद टिकराम कोवे (23, निवासी हल्दा, तहसील ब्रह्मपुरी) को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि यह रकम गडचिरोली के पानठेला चालक आदित्य रेचनकर (19) से ली गई थी। इसके बाद पुलिस की जांच नागपुर की ओर बढ़ी।
16 मई की मध्यरात्रि में गडचिरोली पुलिस ने नागपुर के एक किराये के फ्लैट पर छापा मारा। इस कार्रवाई में मयूर लक्ष्मीकांत डोंगरे (32) और आदित्य लक्ष्मीकांत डोंगरे (26) नामक दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया गया। मयूर सिविल इंजीनियर है, जबकि आदित्य मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। दोनों मूल रूप से गडचिरोली जिले के निवासी बताए गए हैं।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 50, 100 और 200 रुपये के नकली नोट, अत्याधुनिक कलर प्रिंटर, बॉन्ड पेपर, कटर और अन्य सामग्री बरामद की। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 31 हजार 700 रुपये बताई गई है।
पुलिस को संदेह है कि आरोपी फ्लैट में ही नकली नोट तैयार कर विभिन्न मार्गों से बाजार में चला रहे थे। मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने पर अदालत ने छह दिन की पुलिस हिरासत सुनाई है।
इस कार्रवाई की जानकारी पुलिस निरीक्षक विनोद चव्हाण ने दी।
रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम

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