चार महीने इंद्रावती नदी के पानी में कैद रहते हैं ग्रामीण, जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर
गडचिरोली : गडचिरोली जिले के सिरोंचा तहसील अंतर्गत कर्जेली और बिराडघाट नालों पर आज तक पुलिया निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। हर वर्ष बरसात के चार महीनों में इंद्रावती नदी और नालों में बाढ़ आने से कर्जेली क्षेत्र का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। ग्रामीणों को जान हथेली पर रखकर आवागमन करना पड़ता है, वहीं कई गांव मानो “जेरबंद” होकर रह जाते हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वर्षों तक प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा विकास कार्यों के अभाव के पीछे नक्सलवाद का कारण बताया जाता रहा। लेकिन अब जबकि क्षेत्र में नक्सल प्रभाव काफी हद तक समाप्त हो चुका है, तब भी सड़क और पुलिया जैसे मूलभूत विकास कार्य अधूरे पड़े हैं। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि “अब आखिर कौन-सा बहाना बताया जाएगा?”
ग्रामीणों ने बताया कि करीब बीस वर्ष पहले अहेरी – जिमलगट्टा – देचलीपेठा – कर्जेली – आसरेली मार्ग से सिरोंचा तक नियमित बस सेवा चलती थी। उस समय भी मार्ग कठिन था, लेकिन परिवहन व्यवस्था उपलब्ध थी। आज हालात और बदतर हो गए हैं। सड़कें जर्जर हैं, पुलिया नहीं है और बस सेवा भी पूरी तरह बंद पड़ी है। इससे विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और मजदूरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बरसात के दिनों में कर्जेली और बिराडघाट नालों में पानी का तेज बहाव होने से लोगों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो जाती है। कई बार मरीजों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सकता, जबकि विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। ग्रामीणों को लकड़ी की नाव, ट्रैक्टर या जोखिम भरे अस्थायी रास्तों का सहारा लेना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कर्जेली, आसरेली और आसपास के गांवों के विकास के लिए मजबूत पुलिया और पक्की सड़क अत्यंत आवश्यक है। यदि पुलिया निर्माण हो जाए तो सिरोंचा और अहेरी क्षेत्र से सीधा संपर्क सुगम हो जाएगा और हजारों ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्या खत्म हो सकती है।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि कर्जेली और बिराडघाट नालों पर तत्काल पुलिया निर्माण को मंजूरी देकर काम शुरू किया जाए। साथ ही पुराने बस मार्ग को पुनः शुरू कर ग्रामीणों को राहत दी जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि “विकास के बड़े-बड़े दावे करने वालों को अब जमीनी हकीकत देखने की जरूरत है। जब तक पुलिया और सड़क नहीं बनती, तब तक क्षेत्र का वास्तविक विकास अधूरा ही रहेगा।”
रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम

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