गुरनोली में ग्रामीणों से सीधा संवाद, सिंचाई, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की समस्याएं सुनीं

 गडचिरोली :  राज्य के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक शत-प्रतिशत पहुंचाने के लिए प्रशासन को केवल नियम लागू करने वाली व्यवस्था न रहकर विकासोन्मुख दृष्टिकोण अपनाना होगा। वन विभाग, पुलिस प्रशासन सहित सभी सरकारी विभागों को "रेग्युलेटरी माइंडसेट" छोड़कर "डेवलपमेंट मोड" में कार्य करना चाहिए। मुख्य सचिव शनिवार को कुरखेड़ा तहसील के गुरनोली गांव में "विशेष सर्वेक्षण एवं सेवा समृद्धि अभियान" के अंतर्गत आयोजित ग्राम संवाद कार्यक्रम में ग्रामीणों से सीधे संवाद कर रहे थे।

इस अवसर पर विभागीय अपर आयुक्त माधवी खोडे, पुलिस उपमहानिरीक्षक योगेश कुमार, डॉ. परशुराम खुणे, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे, पुलिस अधीक्षक एम. रमेश, उमेद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी निलेश सागर, सहायक जिलाधिकारी अरुण एम., अपर जिलाधिकारी संजय आसवले तथा उपविभागीय अधिकारी प्रसनजित प्रधान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि पूर्व में नक्सल प्रभाव के कारण अनेक योजनाएं दूरस्थ क्षेत्रों तक अपेक्षित रूप से नहीं पहुंच सकीं। लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं और सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि गडचिरोली जिले के 12 गांवों में विशेष सर्वेक्षण एवं सेवा समृद्धि अभियान चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से सभी पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि केवाईसी, आधार या अन्य दस्तावेजों के अभाव में कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे, इसके लिए गांवों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वनाधिकार योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया जाएगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि गडचिरोली के विद्यार्थियों में अपार प्रतिभा है और यदि उन्हें उचित अवसर मिले तो वे राष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने प्रशासन और नागरिकों से मिलकर विकास कार्यों को गति देने का आह्वान किया।
ग्रामीणों ने रखीं अनेक मांगें
ग्राम संवाद के दौरान ग्रामीणों ने धान खरीदी के लंबित भुगतान, सिंचाई सुविधाओं की कमी, धान और मक्का के लिए अधिक समर्थन मूल्य, गोदाम निर्माण, जंगली हाथियों से होने वाले नुकसान, कृषि पंपों के लिए अपर्याप्त बिजली आपूर्ति, नदी पर बांध निर्माण तथा तालाबों के पुनर्जीवन जैसे मुद्दे उठाए।
शिक्षा के क्षेत्र में ग्रामीणों ने गुरनोली जिला परिषद स्कूल में सात कक्षाओं के लिए शिक्षकों की नियुक्ति, केजी-1 और केजी-2 कक्षाएं शुरू करने, ग्राम पंचायत स्तर पर अध्ययन कक्ष और पुस्तकालय स्थापित करने तथा युवाओं के लिए रोजगारोन्मुख सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
महिला स्वयं सहायता समूहों की प्रतिनिधियों ने ग्राम संघ के लिए स्वतंत्र भवन, स्वरोजगार और उद्योग स्थापित करने के अवसर तथा आशा कार्यकर्ताओं का लंबित मानदेय समय पर देने की मांग की। ग्रामीणों ने गांव में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग रखी।
सड़क, आवास और रोजगार गारंटी योजना के मुद्दे भी उठे
ग्रामीणों ने शिवटोला और टेकडीटोला में सड़क निर्माण, रोजगार गारंटी योजना में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के दौरान आने वाली सर्वर समस्याओं से मजदूरों को होने वाले नुकसान तथा लंबित आवास योजना की किश्तों का मुद्दा भी मुख्य सचिव के समक्ष रखा।
इस दौरान जिले के शिक्षित नागरिकों ने गडचिरोली को पर्यटन जिला घोषित करने, स्थानीय युवाओं के लिए वर्ग-3 भर्ती प्रक्रिया जिला स्तर पर संचालित करने, कौशल विकास को बढ़ावा देने, दिव्यांगों के लंबित मानदेय का भुगतान करने, विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं शुरू करने तथा झाड़ीपट्टी रंगमंच के कलाकारों को सरकारी मानधन योजना का लाभ देने की मांग की।
कार्यक्रम में विभागीय अपर आयुक्त माधवी खोडे ने ग्रामीणों से निर्भय होकर अपनी समस्याएं रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी कार्य में लापरवाही या देरी कर रहा है तो उसकी जानकारी प्रशासन को दें, प्रशासन नागरिकों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।
कार्यक्रम की शुरुआत में प्रभारी जिलाधिकारी नितीन गावंडे ने विशेष सर्वेक्षण एवं सेवा समृद्धि अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि इस पहल का उद्देश्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं को सीधे नागरिकों से जानकर उनका समाधान करना है।
इस अवसर पर बताया गया कि विशेष सर्वेक्षण एवं सेवा समृद्धि अभियान के कारण गुरनोली गांव में विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है तथा कई योजनाओं में शत-प्रतिशत संतृप्ति हासिल की गई है।
ग्राम संवाद कार्यक्रम के बाद मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने वडसा तहसील स्थित विश्व बैंक सहायता प्राप्त नयनपुर किसान उत्पादक कंपनी के स्मार्ट प्रोजेक्ट तथा कुरखेड़ा तहसील के आदिवासी विकास महामंडल के देऊलगांव धान खरीदी केंद्र का दौरा कर कार्यों का निरीक्षण किया। कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम

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