एल नीनो की चेतावनी के बीच गडचिरोली में जल बचाने की जंग तेज
गडचिरोली : संभावित एल नीनो के कारण कम वर्षा और जल संकट की आशंका को देखते हुए गडचिरोली जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा ने जल संरक्षण और जल भंडारण क्षमता बढ़ाने वाली सभी लंबित परियोजनाओं को युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आने वाले समय में यदि वर्षा प्रभावित होती है तो जलस्रोतों का संरक्षण और उपलब्ध पानी का सुनियोजित उपयोग ही जिले को संभावित संकट से बचा सकता है।
जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित जलयुक्त शिवार अभियान 2.0, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) 2.0 तथा गादमुक्त बांध-गादयुक्त शिवार अभियान की समीक्षा बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।
बैठक में बताया गया कि जलयुक्त शिवार अभियान 2.0 के तहत जिले में कुल 6,516 कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें से 5,134 कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है और 4,680 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। इस प्रकार योजना की प्रगति 91 प्रतिशत तक पहुंच गई है। विशेष निधि के अंतर्गत 97 प्रतिशत और अभिसरण निधि के अंतर्गत 87 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके हैं।
जिलाधिकारी ने शेष कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और किसी भी स्तर पर देरी न होने दें। उन्होंने पूर्ण कार्यों के जियो-टैगिंग पर भी विशेष जोर दिया। वर्तमान में केवल 30 प्रतिशत कार्यों का जियो-टैगिंग हुआ है, जबकि बाकी कार्यों को शीघ्र पूरा करने को कहा गया है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) 2.0 के अंतर्गत जिले के चार परियोजनाओं में 1,128 कार्यों को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 1,029 कार्य पूरे हो चुके हैं। योजना की कुल भौतिक प्रगति 85 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई है।
वहीं गादमुक्त बांध-गादयुक्त शिवार अभियान के तहत जिले के तालाबों और नालों से अब तक करीब 7.54 लाख घनमीटर गाद निकाली जा चुकी है तथा 29 कार्य पूरे किए गए हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि प्रगति पर चल रहे तथा लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा में हर हाल में पूरा किया जाए।
बैठक में भूजल स्तर बढ़ाने, सिंचाई क्षमता में वृद्धि, मृदा संरक्षण और जल उपलब्धता सुधारने के लिए चल रही विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा ने कहा कि संभावित एल नीनो के प्रभाव को देखते हुए जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता है और सभी विभागों को अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करना होगा।
बैठक में कृषि, जल संसाधन, मृदा एवं जल संरक्षण, लघु सिंचाई, भूजल सर्वेक्षण, वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम
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