विश्व हिंदू परिषद के मार्गदर्शन में वैदिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ धार्मिक अनुष्ठान

गड़चिरोली -  अहेरी तहसील अंतर्गत(कमलापूर) कोडसेलागुडम गांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में विश्व हिंदू परिषद के मार्गदर्शन में आयोजित घर वापसी कार्यक्रम धार्मिक उत्साह और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर सिरोंचा तहसील के नारायणपूर निवासी सतीश आशालू अंबाला ने अपने परिवार सहित पुनः हिंदू धर्म स्वीकार किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।

वैदिक मंत्रोच्चार,हवन और पूजन के साथ संपन्न हुआ समारोह

घर वापसी कार्यक्रम का आयोजन श्री शंकर महाराज के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, हवन, पूजन-अर्चन तथा अन्य पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से सतीश अंबाला और उनके परिवार का हिंदू धर्म में स्वागत किया गया। मंदिर परिसर में पूरे कार्यक्रम के दौरान धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण बना रहा। वैदिक मंत्रों की गूंज और हवन की पवित्र अग्नि के बीच संपन्न हुए अनुष्ठान ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ने का संदेश दिया।

हिंदू संस्कृति और भारतीय जीवन मूल्यों पर दिया गया विशेष जोर

समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने हिंदू धर्म की प्राचीन परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और भारतीय जीवन मूल्यों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति केवल एक धार्मिक व्यवस्था नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है, जो समाज में समरसता, सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देती है। वक्ताओं ने समाज की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक मूल्यों के संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सभी वर्गों को एकजुट होकर सामाजिक एकता और राष्ट्रीय अखंडता को मजबूत करने के लिए कार्य करना चाहिए। साथ ही लोगों से अपनी सांस्कृतिक जड़ों, इतिहास और परंपराओं के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया गया।

घर वापसी अभियान में कई कार्यकर्ताओं ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

सतीश आशालू अंबाला और उनके परिवार की घर वापसी को सफल बनाने में कई सामाजिक एवं धार्मिक कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अभियान में अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के सिरोंचा तहसील अध्यक्ष सदानंद इंगिली ने विशेष प्रयास किए। इसके अलावा तहसील उपाध्यक्ष व्यंकटी रापेली, प्रभाकर इंगिली, हनुमान चालीसा केंद्र प्रमुख राजन्ना अन्नेला, नारायणपूर अध्यक्ष दुंदु रुद्रया, अंकुलु अंबाला, शंकरस्वामी मेडारापु तथा श्याम नुकुम सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। इन सभी ने परिवार को पुनः सनातन परंपराओं से जोड़ने के लिए संवाद और मार्गदर्शन का कार्य किया।

परिवार का किया गया सम्मान

धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद सतीश आशालू अंबाला और उनके परिवार का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान आयोजकों एवं उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने उन्हें शाल ओढ़ाकर, पुष्पहार पहनाकर तथा सम्मान-चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। उपस्थित लोगों ने परिवार के सुखद, समृद्ध और मंगलमय भविष्य की कामना करते हुए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि समाज में सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का विशेष महत्व है।

शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ आयोजन

पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और शांति का विशेष ध्यान रखा गया। धार्मिक मर्यादाओं का पालन करते हुए कार्यक्रम का संचालन किया गया। आयोजकों ने बताया कि स्थानीय प्रशासनिक नियमों तथा सामाजिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए समारोह का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में सांस्कृतिक जागरूकता, राष्ट्रीय एकात्मता और भारतीय जीवन मूल्यों के प्रसार के लिए भविष्य में भी ऐसे आयोजन किए जाते रहेंगे।

क्षेत्र में चर्चा का विषय बना घर वापसी कार्यक्रम

कोडसेलागुडम में आयोजित यह घर वापसी कार्यक्रम क्षेत्र में व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार ऐसे आयोजन लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों, परंपराओं और विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में सांस्कृतिक चेतना का प्रसार करना तथा लोगों को भारतीय परंपराओं और जीवन मूल्यों के प्रति जागरूक बनाना था। इसी उद्देश्य के साथ आयोजित यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर अपना समर्थन व्यक्त किया।

रिपोर्टर - संजय यमसलवार 
 

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