छह साल से अधूरा पड़ा आलापल्ली–सिरोंचा NH, अब तो आंखें खोलिए!

गडचिरोली :आप तेलंगाना से एक बार निरीक्षण के लिए आते हैं, हम रोज जान हथेली पर रखकर सफर करते हैं’— संतोषभाऊ ताटीकोंडावार का अधिकारियों पर तीखा हमला  जिले के आवागमन और विकास के लिए जीवनरेखा माने जाने वाले आलापल्ली–सिरोंचा राष्ट्रीय राजमार्ग का काम पिछले छह वर्षों से अधर में लटका हुआ है। सड़क निर्माण में कथित घटिया काम, अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधीक्षक अभियंता विवेक नवले और कार्यकारी अभियंता प्रफुल केळकर ने बुधवार को सड़क का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जनकल्याण समजोन्नती अन्याय भ्रष्टाचार निवारण समिति के गड़चिरोली जिला अध्यक्ष संतोष ताटीकोंडावार ने अधिकारियों से सीधे मुलाकात कर सड़क की बदहाल स्थिति पर जमकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों से सड़क निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं चल रही हैं, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

‘सिर्फ निरीक्षण और आश्वासन नहीं, अब कार्रवाई चाहिए’

संतोष ताटीकोंडावार ने अधिकारियों से मांग की कि सड़क निर्माण में हुई कथित अनियमितताओं की तत्काल जांच की जाए तथा दोषी ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब केवल निरीक्षण और आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है।

उन्होंने यह भी मांग की कि आलापल्ली–सिरोंचा राष्ट्रीय राजमार्ग का लंबित काम जल्द से जल्द पूरा कर सड़क को यातायात के लिए सुचारु रूप से खोला जाए। ‘आप तेलंगाना से एक बार आते हैं, हम रोज जान हथेली पर रखकर चलते हैं’ निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि संबंधित अधिकारी तेलंगाना राज्य से सड़क की पाहणी के लिए पहुंचे थे। इस पर संतोषभाऊ ताटीकोंडावार और यात्रियों ने तीखी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से कहा, “साहब, आप तेलंगाना से सिर्फ एक बार निरीक्षण करने आते हैं, लेकिन हम स्थानीय नागरिक रोज इसी खस्ताहाल और गड्ढों से भरी सड़क पर जान हथेली पर रखकर सफर करते हैं। हमारी परेशानी को सिर्फ निरीक्षण तक सीमित न रखें, इसका स्थायी समाधान करें।”

विद्यार्थियों, मरीजों और किसानों को भारी परेशानी

स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि सड़क की खराब हालत के कारण स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को समय पर पहुंचना मुश्किल हो रहा है। सड़क पर हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाना भी जोखिम भरा हो गया है। कई बार एंबुलेंस भी खराब सड़क के कारण फंस जाती है।

वहीं, सड़क की बदहाल स्थिति के कारण मालवाहतूक प्रभावित होने से किसानों और व्यापारियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। “यह राष्ट्रीय राजमार्ग है या गड्ढों का संग्रहालय, यह समझ में नहीं आता,” ऐसी तीखी प्रतिक्रिया संतोष ताटीकोंडावार और यात्रियों ने व्यक्त की।

आश्वासन से नागरिकों का भरोसा उठ चुका

निरीक्षण के बाद अधीक्षक अभियंता विवेक नवले ने सड़क निर्माण कार्य में गति लाने और काम की गुणवत्ता में सुधार करने का आश्वासन दिया। हालांकि, पिछले छह वर्षों से लगातार मिल रहे आश्वासनों के कारण नागरिकों का अधिकारियों के वादों से भरोसा उठ चुका है।

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

संतोष ताटीकोंडावार ने चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द सड़क का काम पूरा कर यातायात सुचारु नहीं किया गया और अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो राष्ट्रीय राजमार्ग पर लोकतांत्रिक तरीके से तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। आलापल्ली–सिरोंचा राष्ट्रीय राजमार्ग तेलंगाना और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इसके बावजूद पिछले छह वर्षों से जारी निर्माण कार्य और सड़क की बदहाल स्थिति के कारण दक्षिण गड़चिरोली के विकास और दळणवळण पर गंभीर असर पड़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि अब उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि दर्जेदार और पूर्ण सड़क चाहिए।

रिपोर्टर : संजय यमसलवार 
 

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