C NEWS BHARAT की खबर का असर: कचरे में पड़ी घंटागाड़ी अगले दिन पंचायत कार्यालय में

मुलचेरा : “खबर का असर या कार्रवाई का डर?” गोमनी ग्राम पंचायत में घंटागाड़ी को लेकर C NEWS BHARAT द्वारा खबर प्रकाशित किए जाने के बाद ग्राम पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

कल C NEWS BHARAT ने ₹97 हजार से अधिक की घंटागाड़ी के खर्च और उसके कचरे एवं झाड़ियों के बीच पड़े होने को लेकर खबर प्रकाशित की थी। खबर सामने आते ही मानो ग्राम पंचायत प्रशासन की नींद खुल गई।

C NEWS BHARAT का वार पड़ते ही ‘एक्शन मोड’ में पंचायत!

जहां घंटागाड़ी लंबे समय से उपयोग के अभाव में कचरे और झाड़ियों के बीच पड़ी होने की तस्वीरें सामने आई थीं, वहीं खबर प्रकाशित होने के अगले ही दिन घंटागाड़ी को वहां से उठाकर उसकी सफाई की गई और उसे ग्राम पंचायत कार्यालय परिसर में खड़ा कर दिया गया।

आज सामने आई तस्वीरों में घंटागाड़ी गोमनी ग्राम पंचायत कार्यालय के परिसर में खड़ी दिखाई दे रही है।

सवाल यह है—कल तक क्यों नहीं जागी पंचायत?

C NEWS BHARAT की खबर से पहले यदि घंटागाड़ी वास्तव में उपयोग में नहीं थी और कचरे के बीच पड़ी थी, तो सवाल उठता है कि ग्राम पंचायत प्रशासन ने खुद इसकी सुध क्यों नहीं ली?

खबर प्रकाशित होते ही घंटागाड़ी की सफाई और पंचायत कार्यालय में खड़ी किए जाने की कार्रवाई इतनी तेजी से कैसे हो गई?

क्या ग्राम पंचायत प्रशासन को जनता की शिकायतों से पहले मीडिया की खबर का इंतजार था?

 'सोई हुई ग्राम पंचायत’ को C NEWS BHARAT की खबर ने जगा दिया?

घंटागाड़ी को लेकर उठे सवालों के बीच अब ग्रामीणों में चर्चा है कि C NEWS BHARAT का वार पड़ते ही ग्राम पंचायत प्रशासन हरकत में आ गया।

कल तक जहां घंटागाड़ी की हालत सवालों के घेरे में थी, वहीं आज उसे साफ-सुथरी हालत में पंचायत कार्यालय में खड़ा कर दिया गया।

यह बदलाव अपने आप में कई सवाल छोड़ रहा है।

₹97,303 के खर्च का हिसाब अब भी जरूरी

हालांकि घंटागाड़ी को पंचायत कार्यालय में खड़ा कर देना अच्छी बात है, लेकिन इससे पहले उठे ₹97,303 के खर्च से जुड़े सवाल खत्म नहीं होते।

घंटागाड़ी की खरीद, भुगतान, बिल, GST इनवॉइस, कोटेशन, पंचायत प्रस्ताव, संपत्ति रजिस्टर और अब तक उसके वास्तविक उपयोग की जानकारी सार्वजनिक होना जरूरी है।

साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि घंटागाड़ी को नियमित रूप से गांव में कचरा संकलन के लिए कब से चलाया जाएगा।

C NEWS BHARAT की खबर का असर!

कल खबर—आज कार्रवाई!

यही है पत्रकारिता की ताकत।
जनता के सवालों को आवाज देना और जिम्मेदार व्यवस्था को जवाबदेह बनाना ही C NEWS BHARAT का उद्देश्य है।

अब देखना यह होगा कि पंचायत कार्यालय में खड़ी की गई घंटागाड़ी सिर्फ खबर के बाद दिखावे के लिए खड़ी की गई है या वास्तव में गोमनी गांव की गलियों में कचरा उठाने के लिए नियमित रूप से दौड़ेगी।

C NEWS BHARAT का सवाल सीधा है—
“घंटागाड़ी अब पंचायत कार्यालय में खड़ी है, लेकिन क्या यह जनता की सेवा में भी उतरेगी?”

रिपोर्ट : मारोती कोलावार 

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