गडचिरोली में सड़कों-पुलों की गुणवत्ता से समझौता नहीं, घटिया काम पर होगी कड़ी कार्रवाई

 गडचिरोली : गडचिरोली जिले में सड़कों और पुलों के निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। घटिया या दोषपूर्ण निर्माण पाए जाने पर संबंधितों की जांच कर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिले के सभी पुलों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कर उनकी मजबूती, भारवहन क्षमता तथा आवश्यक मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण का प्राथमिकता क्रम तय किया जाए, ऐसे निर्देश राज्य के लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रराजे भोंसले ने दिए।

गडचिरोली दौरे के दौरान मंत्री भोंसले ने अडपल्ली स्थित गोंडवाना विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी (UIT) परिसर का निरीक्षण किया। इसके बाद जिला नियोजन भवन में आयोजित बैठक में सड़क-पुलों, एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) के प्रस्तावित प्रकल्पों, मायनिंग कॉरिडोर तथा गोंडवाना विश्वविद्यालय की विकास योजनाओं की समीक्षा की।

पुलों के लिए मांगा जाएगा विशेष पैकेज

जिले के दुर्गम क्षेत्रों में बारिश और बाढ़ के दौरान संपर्क टूटने की समस्या को देखते हुए राज्यमंत्री तथा सहपालकमंत्री एड. आशिष जयस्वाल ने पुलों का बैकलॉग दूर करने के लिए गडचिरोली को स्वतंत्र विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग रखी।

मंत्री भोंसले ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए जिले में आवश्यक छोटे-बड़े पुलों, लंबित कार्यों और आवश्यक निधि का व्यापक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोकण की तर्ज पर गडचिरोली के लिए विशेष पुल पैकेज की मांग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष रखी जाएगी।

2,752 करोड़ के छह सड़क प्रकल्प

AIIB के अंतर्गत जिले में कुल 277.60 किलोमीटर लंबाई की छह महत्वपूर्ण सड़कों के लिए लगभग 2,752 करोड़ रुपये के प्रस्तावित कार्यों के DPR की समीक्षा की गई।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि DPR तैयार करते समय केवल कागजी नियोजन न हो, बल्कि स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों, भविष्य की यातायात आवश्यकताओं, औद्योगिक विकास और भारी वाहनों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखा जाए। साथ ही स्वतंत्र एजेंसी से थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट कराने पर भी जोर दिया।

492 करोड़ के मायनिंग कॉरिडोर कार्यों की समीक्षा

बैठक में करीब 491.91 करोड़ रुपये के मायनिंग कॉरिडोर के विभिन्न सड़क और पुल कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इनमें चंद्रपुर–लोहारा–घंटाचौकी–हरणघाट–चामोर्शी मार्ग, पारवा–केलापूर–वणी–नागभीड़–वडसा–कुरखेड़ा–कोरची मार्ग, भाडभीडी–घोट–रेगडी–कसनसूर–भामरागढ़ मार्ग तथा अन्य सड़क एवं पुल निर्माण कार्य शामिल हैं।

मंत्री ने कहा कि बढ़ती खनिज एवं औद्योगिक यातायात को देखते हुए सड़कों की चौड़ाई, क्षमता और निर्माण गुणवत्ता भविष्य की जरूरतों के अनुरूप होनी चाहिए।

क्षतिग्रस्त पुलों की होगी उच्चस्तरीय जांच

बारिश और बाढ़ से प्रभावित पुलों की प्राथमिकता के आधार पर जांच करने के निर्देश देते हुए मंत्री ने कहा कि जिन पुलों को नुकसान पहुंचा है या निर्माण के दौरान जो पुल धराशायी हुए हैं, उनकी उच्चस्तरीय जांच की जाएगी। तकनीकी खामी, घटिया निर्माण अथवा लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

नए पुलों का डिजाइन गडचिरोली की भौगोलिक परिस्थितियों और बाढ़ की तीव्रता को ध्यान में रखकर आधुनिक तकनीकी मानकों के अनुसार तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।

ठेकेदारों के लंबित भुगतान पर सरकार सकारात्मक

पत्रकारों से बातचीत में मंत्री भोंसले ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के राज्यभर के लंबित भुगतान का आंकड़ा पहले करीब 42 हजार करोड़ रुपये था, जो अब घटकर लगभग 17 हजार करोड़ रुपये रह गया है।

नक्सल प्रभावित, दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में विपरीत परिस्थितियों में काम करने वाले ठेकेदारों के लंबित भुगतान को लेकर सरकार सकारात्मक है। छोटे ठेकेदारों को भुगतान प्रक्रिया में सुविधा देने के लिए विशेष ऑनलाइन व्यवस्था शुरू किए जाने की जानकारी भी उन्होंने दी।

UIT और कोनसरी परियोजना का निरीक्षण

दौरे के दौरान मंत्री भोंसले ने अडपल्ली स्थित गोंडवाना विश्वविद्यालय की तकनीकी संस्था के प्रस्तावित विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने आधुनिक तकनीकी शिक्षा के लिए आवश्यक भवन और सुविधाओं की योजना भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार करने के निर्देश दिए।

इसके बाद उन्होंने कोनसरी परियोजना तथा चामोर्शी–हरणघाट सड़क निर्माण स्थल का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।

बैठक में सहपालकमंत्री एड. आशिष जयस्वाल, सांसद डॉ. नामदेव किरसान, विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे, विधायक रामदास मसराम, जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा, पुलिस अधीक्षक एम. रमेश, गोंडवाना विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. प्रशांत बोकारे सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री भोंसले ने स्पष्ट किया कि गडचिरोली में सड़क-पुल निर्माण की रफ्तार के साथ गुणवत्ता भी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। हर काम में जवाबदेही तय कर गुणवत्ता नियंत्रण को और मजबूत किया जाएगा।

रिपोर्टर : चंद्रशेखर आजाद

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.