खटारा बसों की ‘सवारी’ या यात्रियों की सजा अहेरी–सिरोंचा मार्ग पर फिर खुली परिवहन महामंडल की पोल

गडचिरोली - अहेरी आगार की सरकारी बसों की बदहाल स्थिति और परिवहन महामंडल की कथित लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। अहेरी से सिरोंचा के लिए निकली MH 40 AQ 4111 क्रमांक की बस आज रास्ते में खराब हो गई, जिसके चलते नन्हे बच्चों सहित बड़ी संख्या में यात्रियों को बीच सड़क पर काफी देर तक परेशान होना पड़ा। जानकारी के अनुसार, यह बस सुबह करीब 7 बजे अहेरी बस डिपो से सिरोंचा के लिए रवाना हुई थी। अहेरी से लगभग 12 किलोमीटर दूर मोसम गांव के नजदीक बस में अचानक खराबी आ गई। बस बंद पड़ने के बाद यात्रियों को उन्हीं परिस्थितियों में सड़क किनारे खड़े रहना पड़ा।

डिपो महज 10–12 किमी, फिर भी राहत बस के लिए एक घंटे से ज्यादा इंतजार! सबसे गंभीर सवाल यह है कि घटनास्थल अहेरी बस डिपो से महज 10 से 12 किलोमीटर की दूरी पर होने के बावजूद यात्रियों की मदद के लिए दूसरी बस पहुंचने में एक घंटे से अधिक समय क्यों लगा? बस में छोटे बच्चों, महिलाओं और अन्य यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मोसम गांव से करीब एक किलोमीटर पहले बस खराब होने के कारण यात्रियों को पीने के पानी के लिए भी परेशानी उठानी पड़ी।

यात्रियों ने परिवहन महामंडल की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि नियमित रूप से यात्रा करने वाले नागरिकों से किराया वसूलने के बावजूद उन्हें सुविधा के बजाय खराब बसों और बीच रास्ते की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ‘नई बसें हैं, लेकिन इस मार्ग पर नहीं चला सकते’—ड्राइवर का दावा संबंधित बस चालक से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि आलापल्ली–सिरोंचा राष्ट्रीय महामार्ग क्रमांक 353 का निर्माण पिछले करीब पांच वर्षों से धीमी गति से चल रहा है। सड़क की स्थिति कई स्थानों पर जर्जर है और बारिश के दौरान मार्ग पर चिखल की समस्या भी गंभीर हो जाती है।

चालक के अनुसार, अहेरी आगार में नई बसें उपलब्ध होने के बावजूद सड़क की खराब स्थिति के कारण इस मार्ग पर नई बसें चलाना मुश्किल है।  यात्रियों का सवाल—खराब सड़क का खामियाजा यात्री क्यों भुगतें? सड़क खराब है, निर्माणकार्य सुरू आहे, चिखल आहे—यह समस्या प्रशासन और संबंधित विभागों की है। लेकिन इसका खामियाजा नन्हे बच्चों, महिलाओं, वृद्धों और रोजाना प्रवास करने वाले सामान्य नागरिकों को क्यों भुगतना पड़े? एक तरफ राष्ट्रीय महामार्ग के निर्माण की धीमी गति से नागरिक परेशान हैं, तो दूसरी तरफ उसी मार्ग पर चलने वाली सरकारी बसों की खराब स्थिति ने यात्रियों की परेशानी और बढ़ा दी है।

आज की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या परिवहन महामंडल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को गंभीरता से ले रहा है? अब यात्रियों की मांग है कि अहेरी–सिरोंचा मार्ग पर नियमित रूप से अच्छी स्थिति वाली बसें उपलब्ध कराई जाएं, खराब बसों की समय पर देखभाल और दुरुस्ती की जाए तथा बस खराब होने की स्थिति में त्वरित वैकल्पिक बस की व्यवस्था की जाए। सवाल सीधा है—सरकारी बस सेवा जनता की सुविधा के लिए है या जनता को परेशान करने के लिए?

अहेरी आगार की इस घटना के बाद परिवहन महामंडल के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मामले की गंभीरता से दखल लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी क्या, इस पर अब यात्रियों की नजरें टिकी हैं।

रिपोर्टर - चंद्रशेखर पुलगम

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