LKAM Hospital में समय पर हस्तक्षेप से उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था में मां और नवजात की जान बची

गढ़चिरोली : गढ़चिरोली जिले के एटापल्ली तहसील अंतर्गत हेडरी स्थित लॉयड्स काली अम्मल मेमोरियल अस्पताल (LKAM Hospital) में चिकित्सा टीम ने गंभीर एवं उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था के एक जटिल मामले में समय पर उपचार और आपातकालीन सिजेरियन सेक्शन के माध्यम से मां और नवजात दोनों की जान बचाने में सफलता हासिल की। समय पर रेफरल, गहन चिकित्सा प्रबंधन, लगातार निगरानी और त्वरित निर्णय के चलते यह चुनौतीपूर्ण मामला सफलतापूर्वक संभाला गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुमन वेल्डा को 4 सितंबर 2026 को PHC पिपली बुर्गी से गंभीर स्थिति में LKAM Hospital रेफर किया गया था। जांच के दौरान उनका हीमोग्लोबिन स्तर महज 2.2 g/dL पाया गया। इसके साथ ही वह गंभीर थ्रोम्बोसाइटोपेनिया, डेंगू संक्रमण, प्री-एक्लेम्पसिया तथा कार्डियक फेल्योर जैसी गंभीर चिकित्सकीय समस्याओं से जूझ रही थीं।

ब्लड कंपोनेंट सपोर्ट देकर मरीज को किया स्थिर

मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए LKAM Hospital की चिकित्सा टीम ने तत्काल उपचार शुरू करते हुए उन्हें स्थिर करने पर विशेष ध्यान दिया। अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उन्हें आवश्यक ब्लड कंपोनेंट सपोर्ट दिया गया। सुरक्षित प्रसव की तैयारी के लिए प्रसव से पहले 5 यूनिट पैक्ड रेड सेल्स (PRC) तथा 2 यूनिट रैंडम डोनर प्लेटलेट्स (RDP) दिए गए।

इसके बाद भी चिकित्सकीय टीम ने गर्भवती महिला और भ्रूण की लगातार निगरानी जारी रखी। निगरानी के दौरान नॉन-रिअश्योरिंग NST, डॉप्लर में बदलाव, ओलिगोहाइड्राम्नियोस तथा भ्रूण के विकास में कमी (Foetal Growth Restriction-FGR) जैसे गंभीर संकेत सामने आए।

इन परिस्थितियों को देखते हुए चिकित्सकों ने निष्कर्ष निकाला कि प्रसव में और देरी करना मां और बच्चे दोनों के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है।

10 सितंबर को किया गया आपातकालीन सीजेरियन सेक्शन

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा टीम ने 10 सितंबर 2026 को सुबह 10:53 बजे आपातकालीन लोअर सेगमेंट सीजेरियन सेक्शन (LSCS) करने का निर्णय लिया।

सर्जरी के दौरान 1.657 किलोग्राम वजन की बच्ची का जन्म हुआ। जन्म के तुरंत बाद बच्ची ने रोना शुरू कर दिया, जिससे चिकित्सा टीम के साथ-साथ परिवार ने भी राहत की सांस ली।

सर्जरी के दौरान चिकित्सकों को गर्भाशय के फंडस में Couvelaire changes दिखाई दिए, जो प्लेसेंटल एब्रप्शन (Abruptio Placentae) की आशंका की ओर संकेत करते हैं। इससे गर्भावस्था की गंभीरता और स्पष्ट हुई।

सर्जरी के दौरान भी दिया गया अतिरिक्त ब्लड सपोर्ट

LSCS के दौरान मरीज को अतिरिक्त ब्लड कंपोनेंट सपोर्ट दिया गया, जिसमें 2 यूनिट PRC, 1 यूनिट SDP और 1 यूनिट FFP शामिल थे। पूरी प्रक्रिया चिकित्सकीय निगरानी में सफलतापूर्वक पूरी हुई और किसी बड़ी जटिलता की सूचना नहीं है।

फिलहाल मां और नवजात दोनों चिकित्सकीय निगरानी में हैं और स्वस्थ होने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

MD बी. प्रभाकरन ने मेडिकल टीम की सराहना की

इस सफल उपचार पर लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री बी. प्रभाकरन ने मामले में शामिल डॉक्टरों एवं मेडिकल स्टाफ के समय पर किए गए हस्तक्षेप और समर्पित प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने मां और बच्चे दोनों के स्वस्थ होने पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि लॉयड्स काली अम्मल मेमोरियल अस्पताल क्षेत्र के लोगों को हर संभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

समय पर रेफरल और त्वरित निर्णय से मिला सकारात्मक परिणाम

यह मामला उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था के प्रबंधन में समय पर रेफरल, त्वरित निदान, मरीज की स्थिति को स्थिर करना, निरंतर निगरानी और सही समय पर चिकित्सकीय निर्णय लेने के महत्व को दर्शाता है।

LKAM Hospital की चिकित्सा टीम के समन्वित प्रयासों से गंभीर स्थिति में पहुंची गर्भवती महिला को आवश्यक उपचार और ब्लड सपोर्ट उपलब्ध कराया गया। भ्रूण की स्थिति में आए चिंताजनक संकेतों को समय रहते पहचानकर आपातकालीन सीजेरियन सेक्शन का निर्णय लिया गया, जिसके परिणामस्वरूप **मां और नवजात दोनों को सुरक्षित बचाने में सफलता मिली।

रिपोर्टर : संजय यमसलवार
 

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