बंदरों का आतंक! अंकिसा–आसरेल्ली क्षेत्र के नागरिक परेशान; वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग
गडचिरोली : सिरोंचा तहसील के आसरेल्ली वन परिक्षेत्र के अंतर्गत अंकिसा और आसरेल्ली क्षेत्र के गांवों में बंदरों का उत्पात बढ़ने से नागरिक परेशान हैं। बंदरों की गतिविधियों के कारण क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों का दावा है कि बंदरों के हमलों में अब तक कई लोग घायल हुए हैं। इस स्थिति को देखते हुए नागरिकों ने वन विभाग से बंदरों के उत्पात पर नियंत्रण पाने और लोगों को राहत दिलाने की मांग की है।
घरों में घुसकर सामान की तोड़फोड़
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, बंदरों के झुंड सीधे घरों में घुसकर सामान की तोड़फोड़ करते हैं। फ्रिज के दरवाजे खोलकर खाद्य पदार्थ बाहर निकालना, घरों में रखी वस्तुओं को बिखेरना और सामान उठाकर ले जाना जैसी घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं।
इससे विशेष रूप से महिलाओं, छोटे बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बंदरों के बढ़ते उत्पात के कारण नागरिकों में डर बना हुआ है।
बंदरों से बचाव के लिए खतरनाक उपाय
बंदरों के उत्पात से बचने के लिए कुछ नागरिकों द्वारा घरों के आसपास बिजली का झटका देने वाले उपकरण लगाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, ऐसे उपकरणों से नागरिकों, छोटे बच्चों और पालतू पशुओं के लिए दुर्घटना का खतरा पैदा हो सकता है।
इसलिए नागरिकों को ऐसे खतरनाक उपायों से बचने की आवश्यकता है। साथ ही, वन विभाग को इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देकर सुरक्षित विकल्पों के बारे में नागरिकों को मार्गदर्शन देना चाहिए।
खेतों में फसलों को भी नुकसान
बंदरों का उत्पात केवल घरों तक सीमित नहीं है। क्षेत्र के खेतों में भी बंदरों द्वारा विभिन्न फसलों को नुकसान पहुंचाए जाने की शिकायत किसानों ने की है। फसलों की बर्बादी के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ऐसे में किसानों की फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी वन विभाग द्वारा प्रभावी उपाय किए जाने की आवश्यकता है।
वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग
अंकिसा–आसरेल्ली क्षेत्र के नागरिकों ने वन विभाग से संबंधित गांवों का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने और बंदरों के उत्पात की गंभीरता का आकलन करने की मांग की है।
नागरिकों का कहना है कि बंदरों को सुरक्षित तरीके से आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने के लिए उचित उपाय किए जाएं। साथ ही, लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, जागरूकता बढ़ाने और फसलों को हो रहे नुकसान की शिकायतों पर भी ध्यान दिया जाए।
नागरिकों का सवाल — बंदरों के बढ़ते उत्पात पर नियंत्रण पाने के लिए वन विभाग ठोस कदम कब उठाएगा?
रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम

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