बिजली समस्याओं को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन का बिजली विभाग पर हल्लाबोल

गडचिरोली : गडचिरोली जिले में कृषि पंपों के बिजली भारनियमन, स्मार्ट मीटर, बढ़े हुए बिजली बिलों और विद्युत वितरण व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. प्रणय भाऊ खुने के नेतृत्व में पदाधिकारियों और जिले के किसानों ने विद्युत वितरण कंपनी के जिला अधीक्षक अभियंता खांडेकर से मुलाकात कर विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस दौरान अधीक्षक अभियंता ने शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।

बढ़ते बिजली बिलों से आम जनता और किसान परेशान

गडचिरोली जिला उद्योगों की कमी और रोजगार के सीमित अवसरों जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में बढ़ते बिजली बिलों ने आम नागरिकों, गरीब परिवारों और किसानों की आर्थिक परेशानियों को और बढ़ा दिया है। कृषि पंपों के लिए बिजली भारनियमन, स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतें, विद्युत वितरण प्रणाली में समस्याएं तथा कृषि क्षेत्र में सोलर पंपों से जुड़ी दिक्कतों के कारण नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इन समस्याओं का तत्काल निराकरण कर किसानों और आम नागरिकों को राहत दिलाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने बिजली विभाग का ध्यान आकर्षित किया और विभिन्न मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की।

संगठन की प्रमुख मांगें

राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन की ओर से विद्युत वितरण कंपनी के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी गईं।

1. कृषि पंपों का भारनियमन बंद हो: किसानों को खेती के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने हेतु कृषि पंपों की बिजली कटौती तत्काल बंद की जाए।

2. अनिवार्य स्मार्ट मीटर पर रोक: उपभोक्ताओं पर स्मार्ट मीटर लगाने की अनिवार्यता समाप्त की जाए।

3. बढ़े हुए बिजली बिलों से राहत: गरीब एवं सामान्य उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से अधिक बिजली बिल जारी करने की समस्या दूर की जाए।

4. जबरन बिजली दंड की वसूली बंद हो: आम नागरिकों से जबरदस्ती विद्युत दंड की राशि वसूलने की शिकायतों पर रोक लगाई जाए।

5. तालुका स्तर पर अधिकारियों की उपलब्धता: संबंधित विद्युत अभियंता अपने-अपने कार्यक्षेत्र के तालुका मुख्यालय में निवास करें, ताकि नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान हो सके।

6. शिकायत निवारण केंद्र शुरू हों: प्रत्येक तालुका स्तर पर बिजली बिलों और विद्युत आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए केंद्र स्थापित किए जाएं।

7. घरेलू बिजली बिलों में राहत और सुचारु आपूर्ति: घरेलू बिजली बिलों का बोझ कम करने के साथ ही उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं नियमित विद्युत सेवा उपलब्ध कराई जाए।

इसके अलावा कृषि क्षेत्र में सोलर पंपों से जुड़ी समस्याओं का भी शीघ्र निराकरण करने की मांग की गई।

अधीक्षक अभियंता ने शिकायतों पर लिया संज्ञान

संगठन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन पर जिला अधीक्षक अभियंता खांडेकर ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र तैयार करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही, संगठन की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए समस्याओं का निराकरण करने का आश्वासन दिया।

इस दौरान उन्होंने आगामी 19 अक्टूबर को घोट में बिजली बिलों एवं विद्युत वितरण से संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए विशेष शिविर आयोजित करने का आश्वासन भी दिया। इस पहल पर राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने बिजली विभाग के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

मांगें पूरी नहीं होने पर जन आंदोलन की चेतावनी

राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसानों और आम नागरिकों की समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया तथा मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो गडचिरोली जिले के सभी तालुकों के प्रत्येक गांव में व्यापक जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

इस अवसर पर संगठन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. प्रणय भाऊ खुने, जिलाध्यक्ष रमेश अधिकारी, जिला उपाध्यक्ष महेश विश्वास, संदीप भोवरे सहित जिले के अनेक किसान, संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

रिपोर्टर : संजय यमसलवार 
 

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.