अहेरी के स्वीकृत नगरसेवक अमोल गुडेलीवार 1.20 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार!
गडचिरोली : नगरोत्थान योजना के तहत विद्युत केबल कार्यों के बिल के बदले मांगी थी 3 लाख रुपये की रिश्वत; शेष 2.70 लाख में से 1.20 लाख रुपये स्वीकार करते एसीबी ने दबोचा गडचिरोली जिले के अहेरी नगर पंचायत के स्वीकृत नगरसेवक अमोल विलासराव गुडेलीवार को गोंदिया के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने गुरुवार, 15 अक्टूबर को 1 लाख 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोप है कि नगरोत्थान योजना के तहत अहेरी में अतिरिक्त सर्विस केबल बिछाने के कार्यों के लिए मंजूर राशि का हवाला देकर उन्होंने ठेकेदार से कुल 3 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता द्वारा पहले 30 हजार रुपये दिए जाने के बाद भी आरोपी कथित तौर पर शेष 2 लाख 70 हजार रुपये की मांग कर रहा था। इसी शिकायत के आधार पर एसीबी ने जाल बिछाकर कार्रवाई की।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता 33 वर्षीय पुरुष विद्युत ठेकेदार हैं। उनका अपना विद्युत ठेकेदारी फर्म है और अहेरी में विद्युत सामग्री की दुकान भी है। उनके एक मित्र की ठेकेदारी फर्म को अहेरी नगर पंचायत क्षेत्र में नगरोत्थान योजना वर्ष 2025-26 के अंतर्गत अतिरिक्त सर्विस केबल बिछाने का काम मिला था।
इस योजना के तहत प्रभाग क्रमांक 1 से 10 तक के कार्यों के लिए 9 लाख 93 हजार 909 रुपये तथा प्रभाग क्रमांक 11 से 17 तक के कार्यों के लिए 9 लाख 93 हजार 856 रुपये की निविदा राशि मंजूर हुई थी। दोनों कार्यों की कुल राशि 19 लाख 87 हजार 765 रुपये थी।
शिकायतकर्ता ने अपने मित्र की फर्म के माध्यम से प्रभाग क्रमांक 11 से 17 तक का कार्य करारनामा करके पूरा किया था। वहीं, प्रभाग क्रमांक 1 से 10 तक का काम करने वाला ठेकेदार भी उनका मित्र होने के कारण वे उस कार्य की देखरेख कर रहे थे। दोनों कार्य निर्धारित 180 दिनों की अवधि में पूरे किए गए और संबंधित बिलों का भुगतान भी हो चुका था।
बिल की राशि का 15 प्रतिशत मांगा!
शिकायत के अनुसार, काम पूरा होने और बिलों का भुगतान होने के बाद अहेरी नगर पंचायत के स्वीकृत नगरसेवक अमोल गुडेलीवार शिकायतकर्ता की दुकान पर आकर उनसे संपर्क करने लगे। आरोप है कि उन्होंने कहा कि अहेरी में नगरोत्थान योजना के तहत ये काम जिला नियोजन समिति, गडचिरोली से उन्होंने मंजूर करवाए हैं और ये उनके कोटे के काम हैं।
इसी आधार पर उन्होंने दोनों कार्यों की कुल बिल राशि 19 लाख 87 हजार 765 रुपये में से लगभग 15 प्रतिशत के हिसाब से 3 लाख रुपये देने की मांग की। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी बार-बार रिश्वत की मांग कर रहा था।
शिकायतकर्ता ने कथित दबाव में आकर 5 अगस्त 2026 को आरोपी को 30 हजार रुपये नकद दिए थे। हालांकि, इसके बाद भी आरोपी शेष 2 लाख 70 हजार रुपये के लिए व्हाट्सऐप कॉल के माध्यम से लगातार मांग कर रहा था।
रिश्वत देने की इच्छा नहीं होने के कारण शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गोंदिया में शिकायत दर्ज कराई।
एसीबी ने ऐसे बिछाया जाल
शिकायत के आधार पर 15 अक्टूबर 2026 को एसीबी की टीम ने पंचों और वॉयस रिकॉर्डर की सहायता से रिश्वत की मांग की पुष्टि करने के लिए कार्रवाई की। इस दौरान शिकायतकर्ता को आरोपी की हार्डवेयर दुकान पर भेजा गया।
सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा कथित तौर पर शेष 2 लाख 70 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। जब शिकायतकर्ता ने बताया कि फिलहाल उनके पास 1 लाख 20 हजार रुपये उपलब्ध हैं, तो आरोपी ने उतनी राशि कुछ समय के भीतर दुकान पर लाकर देने को कहा।
इसके बाद एसीबी ने नियोजित तरीके से जाल बिछाया।
1.20 लाख रुपये लेते रंगेहाथ पकड़ा
15 अक्टूबर को शिकायतकर्ता को पंचों और वॉयस रिकॉर्डिंग की व्यवस्था के साथ आरोपी की हार्डवेयर दुकान पर भेजा गया। आरोप है कि वहां आरोपी ने शिकायतकर्ता से 1 लाख 20 हजार रुपये स्वीकार किए। इसी दौरान एसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को रंगेहाथ पकड़ लिया।
कार्रवाई के बाद आरोपी को हिरासत में लिया गया है। उसके विरुद्ध अहेरी पुलिस थाने में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी होने की जानकारी दी गई है।एसीबी की टीम ने की कार्रवाई यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गोंदिया के पुलिस निरीक्षक अरविंद राऊत के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में पुलिस उपअधीक्षक निलेश लोधी, सहायक पुलिस उपनिरीक्षक चंद्रकांत करपे, हेड कांस्टेबल संजयकुमार बोहरे, हेड कांस्टेबल मंगेश कहालकर तथा पुलिस नायक संतोष शेंडे, संतोष बोपचे, प्रशांत सोनवणे और दीपक बाटबर्वे शामिल थे।
पूरी कार्रवाई का पर्यवेक्षण पुलिस उपअधीक्षक निलेश लोधी ने किया।
एसीबी की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के विरुद्ध महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। रिश्वत मांगने पर यहां करें शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या लोकसेवक किसी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना संबंधित एसीबी कार्यालय को दें।
रिपोर्टर : संजय यमसलवार

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