माचुवंचा जंगल में माओवादियों का हथियार और विस्फोटक भंडार बरामद

गडचिरोली : जिले में माओवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस दल को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। वांगेतुरी पुलिस थाना क्षेत्र के माचुवंचा जंगल में जमीन के भीतर छिपाकर रखे गए हथियार, विस्फोटक सामग्री और अन्य माओवादी सामान बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में कुल पांच आग्नेयास्त्रों सहित विभिन्न प्रकार की सामग्री जब्त की गई, जबकि अभियान के दौरान दो विस्फोटकों समेत कुछ माओवादी सामग्री को घटनास्थल पर ही नष्ट किया गया।

गुप्त सूचना के आधार पर चलाया गया अभियान

पुलिस विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि वांगेतुरी पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत माचुवंचा जंगल में माओवादियों ने बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी है। सूचना के आधार पर 27 अक्टूबर की सुबह पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के मार्गदर्शन में विशेष अभियान चलाया गया।

इस अभियान में गडचिरोली के विशेष अभियान दल की चार टुकड़ियां और बम निरोधक एवं पहचान दस्ते (BDDS) की एक टीम को तैनात किया गया। जंगल क्षेत्र में सघन तलाशी के दौरान जवानों ने जमीन में छिपाकर रखी गई सामग्री का पता लगाया।

बरामद हथियार और विस्फोटक सामग्री

पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, तलाशी अभियान में निम्नलिखित सामग्री बरामद की गई—

- 12 क्लेमोर उपकरण
- 1 बारह बोर की राइफल
- 3 सिंगल शॉट राइफलें
- 1 एयर गन
- 1 बोतल में रखी विस्फोटक सामग्री
- 1 जीवित क्लेमोर विस्फोटक
- 1 वायरलेस माइक्रोफोन सेट
- 1 हथियार का लोअर हैंडगार्ड
- 100 सुतली बम
- माओवादी वर्दी के हरे कपड़े के 5 जोड़े
- अन्य माओवादी सामग्री

पुलिस के मुताबिक, अभियान के दौरान दो विस्फोटकों सहित कुछ सामग्री को वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में घटनास्थल पर ही नष्ट किया गया। शेष सामग्री को सुरक्षा दल ने अपने कब्जे में लिया।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई

यह कार्रवाई गडचिरोली के पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के आदेश एवं मार्गदर्शन में की गई। अभियान की निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) कार्तिक मधिरा, अपर पुलिस अधीक्षक गोकुल राज जी., अपर पुलिस अधीक्षक अहेरी (प्राणहिता) हर्षवर्धन बी. जे. तथा पुलिस उपाधीक्षक (अभियान) सुनील उईके के मार्गदर्शन में की गई।

विशेष अभियान दल, इंटेलिजेंस सेल और BDDS के जवानों ने संयुक्त रूप से इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने अभियान में शामिल जवानों के कार्य की सराहना की।

पुलिस के अनुसार, जंगल में छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल सुरक्षा बलों के खिलाफ संभावित हिंसक गतिविधियों में किया जा सकता था। समय रहते सामग्री बरामद होने से ऐसे संभावित खतरों को रोकने की दिशा में कार्रवाई की गई है।

रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम

 

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