एलकेएएम अस्पताल, हेडरी में सुरक्षित और दर्दरहित सिजेरियन प्रसव!

गडचिरोली : गडचिरोली जिले के दुर्गम आदिवासी क्षेत्र में स्थित लॉयड्स काली अम्माल मेमोरियल अस्पताल (LKAMH), हेडरी में चिकित्सकों ने सुरक्षित मातृत्व की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में एक गर्भवती महिला का आपातकालीन सिजेरियन ऑपरेशन (सी-सेक्शन) एपिड्यूरल एनेस्थीसिया के माध्यम से सफलतापूर्वक किया गया। इस दौरान महिला को ऑपरेशन के समय दर्द का अनुभव नहीं हुआ और उन्होंने 2.277 किलोग्राम वजन के स्वस्थ शिशु को जन्म दिया।

गर्भावस्था में जटिलताएं, तत्काल ऑपरेशन का निर्णय

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा कम करने और सामान्य प्रसव के प्रयास के दौरान शुरुआत में एपिड्यूरल एनाल्जीसिया दिया गया था। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान कुछ चिकित्सकीय जटिलताएं सामने आईं। इनमें गर्भजल की कमी (ओलिगोहाइड्राम्नियोसिस), भ्रूण के विकास में अवरोध (फीटल ग्रोथ रिस्ट्रिक्शन—FGR) तथा शिशु की गर्दन के चारों ओर गर्भनाल का एक फंदा होना शामिल था।

बाद में शिशु में भ्रूण संकट (फीटल डिस्ट्रेस) के संकेत दिखाई देने पर चिकित्सकीय दल ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल आपातकालीन लोअर सेगमेंट सिजेरियन सेक्शन (LSCS) करने का निर्णय लिया। समय पर लिए गए इस निर्णय के बाद ऑपरेशन की प्रक्रिया शुरू की गई।

एपिड्यूरल एनेस्थीसिया से हुआ दर्दरहित ऑपरेशन

इस मामले की विशेषता यह रही कि महिला को पहले से दिया गया एपिड्यूरल एनेस्थीसिया सर्जरी के लिए आवश्यक स्तर तक सफलतापूर्वक बढ़ाया गया। इससे ऑपरेशन के लिए जनरल एनेस्थीसिया देने की आवश्यकता नहीं पड़ी। चिकित्सकीय समन्वय और एनेस्थीसिया तकनीक के उचित उपयोग से सिजेरियन ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

इस दौरान महिला सहज रहीं और उन्हें ऑपरेशन के समय दर्द का अनुभव नहीं हुआ। इस प्रकार चिकित्सकीय दल ने मां की सुरक्षा, आराम और शिशु के सुरक्षित जन्म को प्राथमिकता देते हुए उपचार प्रक्रिया पूरी की।

समन्वित चिकित्सा सेवाओं से मिला सकारात्मक परिणाम

यह मामला दर्शाता है कि उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था में समय पर चिकित्सकीय निर्णय, उपयुक्त एनेस्थीसिया तकनीक और विभिन्न विशेषज्ञों के बीच बेहतर समन्वय कितना महत्वपूर्ण होता है। विशेष रूप से आपातकालीन परिस्थितियों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का प्रभावी उपयोग मां और शिशु की सुरक्षा के लिए अहम भूमिका निभाता है।

इस मामले में उपचार डॉ. प्रीति वर्मा (बुर्रीवार), कंसल्टेंट स्त्री रोग विशेषज्ञ (MBBS, MS OBGY, FRM, DRM, FMAS) के क्लिनिकल मार्गदर्शन में तथा सहयोगी चिकित्सा दल की सहायता से किया गया।

दुर्गम आदिवासी क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर

गडचिरोली जिले के दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना एक महत्वपूर्ण चुनौती है। ऐसे में एलकेएएम अस्पताल, हेडरी द्वारा मातृत्व देखभाल के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास स्थानीय नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

अस्पताल की यह उपलब्धि सुरक्षित मातृत्व, सम्मानजनक प्रसूति देखभाल और मरीज-केंद्रित उपचार सेवाओं के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मां और शिशु की सुरक्षा के साथ-साथ गर्भवती महिला को सहज और सम्मानजनक प्रसव अनुभव प्रदान करना भी आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

मां और शिशु की सुरक्षा सर्वोपरि

एलकेएएम अस्पताल में इस सफल प्रसव के माध्यम से यह संदेश सामने आया है कि जटिल परिस्थितियों में भी विशेषज्ञ चिकित्सकीय मार्गदर्शन, समय पर हस्तक्षेप और समन्वित उपचार से बेहतर परिणाम प्राप्त करने की दिशा में प्रयास किए जा सकते हैं। सुरक्षित मातृत्व को प्राथमिकता देते हुए अस्पताल ग्रामीण और आदिवासी समुदायों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रयासरत है।

रिपोर्टर : संजय यमसलवार 
 

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