“तकनीक, सामूहिक शक्ति और योजनाओं के समन्वय से किसानों की आय बढ़ाएँ” – जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा
गढ़चिरौली - किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग, सौर ऊर्जा का विस्तार, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा तथा सरकारी योजनाओं का समन्वित क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है। रबी और ग्रीष्मकालीन फसलों के क्षेत्र में वृद्धि हेतु जलसंरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई और समूह खेती पद्धति प्रभावी सिद्ध हो सकती है। यह मार्गदर्शन जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा ने आज दिभना में प्रत्यक्ष खेत भ्रमण के दौरान सोलर लाइट ट्रैप योजना का निरीक्षण करते हुए किसानों से संवाद में दिया।उन्होंने आगे कहा कि किसान समूहों के माध्यम से योजनाएँ लागू करने पर उनका प्रभाव अधिक व्यापक और दीर्घकालीन होता है। कृषि विभाग,आत्मा तथा जिला प्रशासन के समन्वय से किसान हित की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि “सतत खेती और तकनीक आधारित कृषि ही भविष्य की दिशा है।” इसके बाद जिलाधिकारी ने श्री भोजराज राजीराम जेंगठे के खेत का दौरा कर वहाँ लगाए गए विभिन्न सब्जी फसलों का निरीक्षण किया। भोजराज जेंगठे ने बताया कि कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) के अंतर्गत वर्ष 2021–22 में 15 युवा किसानों का “शाश्वत अन्नदाता किसान समूह” गठित किया गया। इस समूह के माध्यम से सौर ऊर्जा चालित फेंसिंग योजना लागू कर रबी और ग्रीष्मकालीन फसलों के क्षेत्र में वृद्धि की गई। साथ ही सोलर लाइट ट्रैप योजना अपनाने से फसलों में कीट व रोग का प्रकोप कम हुआ है तथा महंगे कीटनाशकों और छिड़काव पर होने वाले खर्च में भी बचत हुई है। किसान विलास जेंगठे ने प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आत्मा के अंतर्गत कुरुक्षेत्र (हरियाणा) में प्रशिक्षण प्राप्त कर समूह प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर है। इसके अतिरिक्त हैदराबाद में जैविक इनपुट तैयार करने का प्रशिक्षण भी लिया गया है। कृषि विभाग के मार्गदर्शन से विभिन्न फसलों के क्षेत्र में वृद्धि संभव हुई है। इस अवसर पर आत्मा के तालुका तकनीकी प्रबंधक हेमंत उंदिरवाड़े,उप कृषि अधिकारी सुनील बुद्धे, सहायक कृषि अधिकारी कु.पाटेकर, किसान समूह के अन्नाजी जेंगठे सहित अन्य अधिकारी और किसान उपस्थित थे।
रिपोर्टर : चंद्रशेखर पुलगम

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