नागरिकों की समस्याओं का सिंगल-विंडो जैसी पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से समय पर समाधान
गांधीनगर : राज्य के नागरिकों और पुलिस तंत्र के बीच विश्वास तथा पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस भवन में ‘जनसंपर्क कार्यालय’ शुरू किया गया है। राज्य के पुलिस महानिदेशक डॉ. के. एल. एन. राव के मार्गदर्शन में संचालित इस कार्यालय के माध्यम से नागरिकों की शिकायतों, आवेदनों और समस्याओं का उचित एवं न्यायसंगत समाधान समय पर किया जा रहा है। मंगलवार को राज्य के पुलिस महानिदेशक ने इस केंद्र का दौरा कर इसके कामकाज की समीक्षा की।
पुलिस विभाग द्वारा शुरू की गई यह व्यवस्था आज नागरिकों के लिए न्याय प्राप्त करने का सुव्यवस्थित और सशक्त माध्यम बन चुका है। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक आवेदक की बात को सम्मानपूर्वक सुनना, जिला एवं शहर स्तर की पुलिस कार्यालयों के साथ समन्वय स्थापित कर समयबद्ध और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है। इस व्यवस्था से आवेदनों पर कार्रवाई में होने वाली देरी समाप्त हुई है और पुलिस के प्रति जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
राज्य के पुलिस महानिदेशक डॉ. के. एल. एन. राव ने कहा कि जनसंपर्क कार्यालय केवल नागरिकों के आवेदन स्वीकार करने का केंद्र नहीं है, बल्कि यह गुजरात पुलिस की ‘सुरक्षा, सेवा और विश्वास’ की भावना को साकार करने का एक सशक्त माध्यम है। कार्यालय की सीढ़ियां चढ़कर आने वाला प्रत्येक सामान्य और गरीब व्यक्ति यहां से न्याय की आशा और संतोष के साथ लौटे, यह हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने आगे कहा कि जनसंपर्क कार्यालय में प्राप्त होने वाले आवेदनों को प्राथमिकता देकर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर भी निर्देश दिए गए हैं।
पहले नागरिकों को शिकायत या प्रस्तुति दर्ज कराने के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब इस सिंगल-विंडो जैसी पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से समय पर शिकायतों का निवारण संभव हो पाया है। आइए, जनसंपर्क केंद्र की संपूर्ण कार्यप्रणाली को समझते हैं
केंद्र पर आने वाले प्रत्येक नागरिक का विवरण रिसेप्शन डेस्क पर दर्ज किया जाता है। उन्हें सुनवाई के लिए अनुकूल और तनावमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जाता है।
उपस्थित वरिष्ठ एवं जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा आवेदक प्रस्तुतियों को ध्यानपूर्वक सुनकर मामले का विवरण दर्ज किया जाता है
केंद्र के माध्यम से प्राप्त सभी शिकायतों और प्रस्तुतियों का विधिवत पंजीकरण कर आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित जिला अथवा शहर पुलिस इकाइयों एवं संबद्ध शाखाओं को भेजा जाता है।
फील्ड यूनिट के पास से निर्धारित समय में जरुरी रिपोर्ट मंगाकर उसका सूक्ष्म परीक्षण किया जाता है तथा आगे की कार्रवाई के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है।
सेवा सुधार के लिए कार्यालय एवं जिला स्तर; इन दो प्रकारों से विस्तृत फीडबैक फॉर्म भरवाए जाते हैं। टेलीफोन द्वारा संपर्क कर केस की प्रगति की जानकारी भी दी जाती है।
गत 2 फरवरी से शुरू किए गए इस जनसंपर्क कार्यालय में प्राप्त शिकायतों में से अधिकांश का त्वरित तथा सटीक निवारण किया गया है।
भावनगर के श्री जिगरभाई भट्ट ने गांधीनगर स्थित जनसंपर्क कार्यालय का संपर्क किया। कार्यालय के त्वरित फॉलोअप तथा पीआई पलक व पीएसआई एम. जे. पटेल के सहयोग से आवेदक की सम्बद्ध आईपीएस श्रीमती अमिता वनाणी से मुलाकात करवाकर उनके केस के आरोपी को त्वरित गिरफ्तार किया गया और उनकी समस्या का निवारण किया गया।
साणंद के आवेदक नरेशभाई दुलेरा ने इस सेवा को आम आदमी के लिए न्याय की आशा किरण तथा जनहित के लिए शुरू की गई उत्तम पहल बताया।
जनसंपर्क कार्यालय केवल आवेदन स्वीकार करने का केन्द्र नहीं है, बल्कि पुलिस एवं जनता के बीच विश्वास का सुदृढ़ सेतु है। यह नागरिक केंद्रित दृष्टिकोण पुलिस प्रशासन को अधिक लोकभोग्य, लोकोपयोगी और जिम्मेदार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
रिपोर्टर : राकेश शाह
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