ध्वजारोहण होते ही गगन में लहराया केसरिया ध्वज,यागमंडल विधान में शामिल हुए सैकड़ों इंद्र - इंद्राणी
गंज बासौदा - पंच कल्याणक महोत्सव के गर्भ कल्याणक पूर्वार्ध (प्रथम दिवस) में तीर्थंकर भगवान की भव्य आत्मा, माता के गर्भ में आने का उत्सव मनाया जाता है।
प्रातः 06 बजे ब्रह्म. विनय भैय्या द्वारा मंगलाष्टक , दिगबंधन , स्थामंत्र, शांतिमंत्र के साथ प्रथम दिवस के कार्यक्रम की शुरुआत की गई, जिसमें आयोजन के प्रमुख पात्रों के अलावा सभी इंद्र, शुद्ध वस्त्रों को धारण कर भगवान आदिनाथ स्वामी के मस्तक पर नित्य अभिषेक और शांतिधारा करने पहुंचे। अभिषेक क्रिया के उपरांत पात्र शुद्धि, सकलीकरण, इंद्र प्रतिष्ठा, नंदी विधान, मंगल कलश एवं शक्ति कलश स्थापना एवं अखंड दीप स्थापना की गई। प्रारंभिक क्रियाओं के उपरांत प्रातः 08 :15 बजे से मुनि श्री विमल सागर जी महाराज एवं मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज के मंगल प्रवचन सुनने का अवसर कार्यक्रम स्थल अयोध्या नगरी में बैठे धर्मानुरागी बंधुओं को प्राप्त हुआ।
पंचकल्याणक महोत्सव आयोजन की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई जिसमें ध्वजारोहण करने का सौभाग्य श्रीमति प्रभा- महेश कुमार, मनीष कुमार, मयंक कुमार (तालवेहट वाला परिवार) को प्राप्त हुआ। दोपहर 02 बजे से याग मंडल विधान प्रारंभ हुआ जिसमें पंच कल्याणक के सभी पात्रों ने हथकरघा के शुद्ध एवं अहिंसक वस्त्रों को धारण कर सामूहिक भक्ति की।
शाम को आयोजित होने वाली महा आरती के पुण्यार्जक बनने का सौभाग्य अरुण कुमार, शैलेंद्र कुमार, सौरभ कुमार, सुलभ कुमार जैन (बरेठ वाला परिवार)परिवार को प्राप्त हुआ। महा आरती पुण्यार्जक परिवार के निज निवास महावीर मार्ग से प्रारंभ हुई जो कि प्रमुख मार्गों से होते हुए आयोजन स्थल अयोध्या नगरी पहुंची। आयोजन स्थल पर बड़े ही भक्ति भाव से सामूहिक महाआरती की गई। मंगल आरती के उपरांत सौधर्म इंद्र की सभा का मंचन हुआ, जिसमें भगवान की भव्य आत्मा, माता के गर्भ में प्रवेश करते ही सौधर्म इंद्र का सिंहासन कंपनमान होते नजर आया और इंद्र की सभा में हाहाकार मच गया। वहीं सौधर्म इंद्र ने अपने अवधी ज्ञान से पता किया कि तीर्थंकर बालक का जन्म होने वाला है। सौधर्म इंद्र की आज्ञा से धनराज कुबेर द्वारा स्वर्णमयी अयोध्या नगरी की रचना की और पूरे नगर में छः माह तक लगातार रत्नों की वर्षा हुई। वहीं अयोध्या नगरी में राजा नाभिराय का राज दरबार लगा, जिसमें सभी मुकुटबद्ध राजा उपस्थित रहे।
रिपोर्टर : हेमंत आनंद


No Previous Comments found.