विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में ग्राम गंजईपुरी में जागरूकता एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित

गरियाबंद - विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में जन जागृति मंच एवं उदंती विकास संगठन के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम गंजईपुरी में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता एवं वृक्षारोपण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत कस की सरपंच लीना ठाकुर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, किशोर-किशोरियां, महिलाएं तथा 5 ग्रामों के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना था। अजीत एक्का (अध्यक्ष, जन जागृति मंच) ने कहा—

"आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के क्षरण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता है। प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करनी चाहिए। पर्यावरण की रक्षा करना हमारे भविष्य की रक्षा करना है। यदि हम आज प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।" लीना रविंद्र ठाकुर (सरपंच, ग्राम पंचायत कस) ने कहा— "गांव के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता देना आवश्यक है। स्वच्छ वातावरण, स्वच्छ जल स्रोत और हरियाली से ही स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है। ग्राम पंचायत स्तर पर भी पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है। सभी ग्रामीणों को मिलकर अपने गांव को स्वच्छ,सुंदर और हरा-भरा बनाने के लिए आगे आना चाहिए।" गीतांजली निषाद (कार्यकर्ता, जन जागृति मंच) ने कहा—"जल,जंगल और जमीन हमारे जीवन के आधार हैं। इनके संरक्षण के बिना सतत विकास संभव नहीं है। हमें प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना चाहिए तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सामुदायिक स्तर पर लगातार प्रयास करने चाहिए। जागरूकता और जनसहभागिता से ही पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्यों को प्राप्त किया जा सकता है।" उमा (कार्यकर्ता, जन जागृति मंच) ने कहा— "पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत हमारे घर और आसपास के वातावरण से होती है। प्लास्टिक का कम उपयोग, स्वच्छता बनाए रखना और पौधों की देखभाल जैसे छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। महिलाओं की भूमिका परिवार और समाज में महत्वपूर्ण होती है, इसलिए उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होकर दूसरों को भी प्रेरित करना चाहिए।" प्रिंस कुमार (कार्यकर्ता, जन जागृति मंच) ने कहा— "युवा शक्ति समाज में परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और स्वच्छता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। आज की छोटी-छोटी पहलें भविष्य में बड़े परिणाम लेकर आएंगी। यदि युवा आगे आएंगे तो पर्यावरण संरक्षण का अभियान और अधिक प्रभावी बनेगा।" कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों तथा किशोर-किशोरियों ने भी पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। सभी प्रतिभागियों ने मिलकर पौधारोपण किया तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर 5 ग्रामों के समुदाय के लोगों ने आगामी वर्षा ऋतु में 1000 पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का सामूहिक संकल्प लिया। यह संकल्प क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक नारे लगाए— "पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ!" "जल, जंगल और जमीन बचाओ, आने वाली पीढ़ी का भविष्य संवारो!" कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक शपथ के साथ किया गया। सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने घरों, मोहल्लों और गांवों में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और वृक्षारोपण को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।

रिपोर्टर - मनोज गोस्वामी

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