प्रभारी प्रधानाध्यापक उमेश कुमार पर प्राथमिकी और अनुशासनिक कार्रवाई का आदेश

गया जी - गया जिले के फतेहपुर स्थित +2 प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय में बाहरी व्यक्ति से कथित रूप से लिपिक का कार्य कराने और छात्राओं एवं उनके अभिभावकों से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने के मामले में शिक्षा विभाग ने कार्रवाई का निर्देश दिया है। क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, मगध प्रमंडल, गया द्वारा जारी आदेश में वर्तमान प्रभारी प्रधानाध्यापक उमेश कुमार के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने तथा वर्ष 2019 से अब तक संबंधित प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।

मामले की शुरुआत फतेहपुर निवासी एक व्यक्ति द्वारा जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, गया के समक्ष परिवाद दायर किए जाने से हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक उमेश कुमार अपने रिश्तेदार अशोक कुमार से कथित रूप से अवैध तरीके से लिपिक का कार्य करा रहे थे। इसके साथ ही विद्यालय की छात्राओं और उनके अभिभावकों से सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने का आरोप भी लगाया गया था।
जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी द्वारा 14 अगस्त 2026 को अंतिम विनिश्चय पारित किए जाने के बाद मामला प्रमंडलीय आयुक्त-सह-प्रथम अपीलीय एवं पुनरीक्षण प्राधिकार के समक्ष पहुंचा। प्राधिकार के निर्देश पर क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक ने संबंधित पक्षों की सुनवाई की और उपलब्ध अभिलेखों की जांच की।

जांच के दौरान माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बिहार, पटना के ज्ञापांक 310पी, दिनांक 21 नवंबर 2019 का उल्लेख किया गया। आदेश के अनुसार, अशोक कुमार की सेवा की मान्यता संबंधी दावे को पहले ही अस्वीकृत किया जा चुका था। इसके बावजूद उनके विद्यालय में कार्य करने के मामले में संबंधित प्रधानाध्यापकों की भूमिका और जवाबदेही का प्रश्न उठाया गया।
क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक ने निर्देश दिया है कि अशोक कुमार से कथित रूप से अवैध तरीके से विद्यालय का कार्य कराने के लिए जिम्मेदार संबंधित प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जाए। साथ ही, वर्तमान प्रभारी प्रधानाध्यापक उमेश कुमार के विरुद्ध विधिवत अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की जाए। छात्राओं से अधिक शुल्क वसूली के आरोपों की भी होगी जांच विद्यालय की छात्राओं और उनके अभिभावकों से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने के आरोपों की जांच के लिए विशेष टीम गठित करने का निर्देश दिया गया है। जांच में आरोपों की पुष्टि होने और संबंधित व्यक्तियों की जिम्मेदारी निर्धारित होने के बाद दोषियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्टर - कृष्ण कुमार पांडे 

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