गुरु वह दिव्य प्रकाश है जो अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश देते - एसडीएम
सहजनवा/गोरखपुर : गुरु वह दिव्य प्रकाश है जो अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान संस्कार और सफलता का मार्ग दिखाते है।तथा रामचरितमानस की चौपाई है गुरु गृह पढ़न चलन रघुराई अल्पकाल विद्या सब आई ।उनके मार्गदर्शन से ही जीवन को सही दिशा का उद्देश्य मिलता है। उक्त बाते उपजिलाधिकारी सहजनवा नमन मेहता ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर तहसील सभागार में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कही।
वही तहसीलदार सहजनवा राकेश कन्नौजिया ने कहा कि गुरु का पद सबसे सर्वोपरि होता है। इनके ज्ञान से ही हम सबका विकास का मार्ग प्रशस्त होता है।
तहसील के वरिष्ठ अधिवक्ता रमाकांत उपाध्याय को अधिवक्ताओं ने गुरु की मान्यता देते हुए फूलमालाओं से लाद कर स्वागत किया। कार्यक्रम संचालन तहसील बार एसोशिएसन अध्यक्ष के0के0 त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम के समापन के अवसर पर सभी मौजूद अधिवक्ताओं को मिष्ठान भी कराया गया।
इस अवसर पर तहसील बार एसोशिएसन मंत्री राघवेंद्र सिंह,बुद्धिसागर यादव,अनिल कुमार त्रिपाठी सुधाकर त्रिपाठी,भूपेश त्रिपाठी,सतीश कुमार,पंकज श्रीवास्तव,जन्मेजर सिंह,गणेश,सतीश कन्नौजिया,सुग्रीव,
तारकेश्वर चौरसिया, सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद थे।
रिपोर्टर : हरिगोबिन्द चौबे
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