आदिवासी कल्याण मंत्री चमरा लिंडा 15सालों में 14 किलोमीटर रोड नहीं बना पाए: सईदा खातून
गुमला : मिशन बदलाव के जिला सचिव सय्यदा खातून,नगर अध्यक्ष ज्योति वर्मा और नगर सचिव ज्योति ग्लोरिया कुजूर ने कहा कि बिशुनपुर विधानसभा के घाघरा प्रखंड अंतर्गत इटकरी से लेकर सारंगों भैंसबथान तक पूरे रास्ता जर्जर अवस्था में है, मिशन बदलाव की टीम विगत दिनों घाघरा प्रखंड अंतर्गत सरांगो से भैंसबथान विजिट किया था और ग्रामीणों ने बताया था कि लगभग 14–15 किमी जर्जर सड़क के पुनर्निर्माण तथा पूर्व में तैयार DPR के आधार पर राशि स्वीकृत की बात की जाती है लेकिन कभी रास्ता बनाने का कार्य शुरू नहीं हुआ। सय्यदा खातून ने कहा कि घाघरा प्रखंड के सरांगो से भैंसबथान तक लगभग 14–15 किमी सड़क लंबे समय से अत्यंत जर्जर स्थिति में है। यह मार्ग क्षेत्र के कई गांवों के ग्रामीणों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण साधन है और जानकारी के अनुसार इस सड़क के निर्माण/पुनर्निर्माण के लिए DPR तैयार की जा चुकी है, इसके बावजूद अब तक सड़क निर्माण का कार्य धरातल पर शुरू नहीं हो पाया है।इसको लेकर डीसी को आवेदन भी दिया गया,यदि DPR तैयार होने के बाद भी राशि स्वीकृत अथवा निर्गत नहीं हुई है, तो यह गंभीर प्रशासनिक विषय है और ग्रामीणों के हित में इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक होना आवश्यक है। मिशन बदलाव के सय्यदा खातून, ज्योति वर्मा और ज्योति कुजूर के नेतृत्व में निम्नलिखित मांगो लेकर डीसी के नाम आवेदन दिया गया है
1. सरांगो–भैंसबथान सड़क की DPR एवं तकनीकी रिपोर्ट की समीक्षा कराकर उसकी वर्तमान स्थिति सार्वजनिक की जाए।
2. यदि DPR की प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति हो चुकी है, तो सड़क निर्माण के लिए तत्काल राशि स्वीकृत/निर्गत कराई जाए।
3. यदि राशि अभी तक स्वीकृत नहीं हुई है तो किस स्तर पर और किस कारण से फाइल लंबित है, इसकी जांच कराई जाए।
4. सड़क को PMGSY अथवा झारखंड सरकार की उपयुक्त ग्रामीण सड़क योजना में पात्रता के अनुसार शामिल कर पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए।
5. यदि DMFT के माध्यम से इस सड़क का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है, तो DMFT से संबंधित स्वीकृति, राशि और कार्यादेश की स्थिति स्पष्ट की जाए।
6. सड़क निर्माण में विलंब के लिए यदि किसी विभागीय स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो उसकी जिम्मेदारी निर्धारित की जाए।
7. सड़क का स्थल निरीक्षण कराकर ग्रामीणों की वर्तमान परेशानी को देखते हुए समयबद्ध कार्ययोजना जारी की जाए।
नगर अध्यक्ष ज्योति वर्मा ने कहा कि डीसी महोदय,
ग्रामीणों का सवाल केवल सड़क का नहीं है। खराब सड़क के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचने, विद्यार्थियों को विद्यालय जाने, किसानों को बाजार तक पहुंचने और आम लोगों को आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
रिपोर्टर : नेहाल
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