घरेलू हिंसा का आरोप: न्याय की गुहार लेकर थाना पहुंची विवाहिता, पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
चौपारण (हजारीबाग) : चौपारण थाना क्षेत्र के सिंघरावा पंचायत की एक विवाहिता द्वारा पति और सास पर घरेलू हिंसा, मारपीट, मानसिक प्रताड़ना एवं जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। पीड़िता खुशबू कुमारी ने चौपारण थाना में लिखित आवेदन देकर पति अजय कुमार एवं सास दुखिया देवी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई तथा अपनी सुरक्षा की मांग की है।
आवेदन के अनुसार, पीड़िता 7 जुलाई को अपनी बहन के घर बगोदर में आयोजित मुंडन कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं। 9 जुलाई की सुबह घर लौटते ही उनके पति ने कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए बाल पकड़कर जमीन पर पटक दिया और लोहे की रॉड, लात-घूंसों एवं मुक्कों से बेरहमी से मारपीट की। महिला का आरोप है कि इस दौरान उनकी सास उन्हें पकड़कर पति को जान से मारने के लिए उकसा रही थीं। घटना में उनके हाथ सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।
पीड़िता ने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि उनके पति का उनकी छोटी गोतनी के साथ अवैध संबंध है। इसका विरोध करने पर पिछले तीन वर्षों से लगातार मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना दी जा रही है। उनका कहना है कि मुंबई में रहने के दौरान उन्होंने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देखा था, जिसके बाद उनके साथ मारपीट कर उन्हें घर भेज दिया गया, जबकि उनके तीनों बच्चों को अपने पास रखकर आवासीय विद्यालय में दाखिला करा दिया गया।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उनके कपड़े फाड़ दिए गए, मंगलसूत्र तोड़कर छीन लिया गया, मांग का सिंदूर मिटा दिया गया तथा उन्हें तलाक देने और जान से मारने की धमकी दी गई।
इस मामले को लेकर पूर्व प्रमुख पति लालेश कुमार साह ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब वे पहले पीड़िता की मदद के लिए थाना पहुंचे थे, तब उन्हें यह कहकर वापस कर दिया गया कि "यह पति-पत्नी का मामला है, इसमें जनप्रतिनिधियों को नहीं आना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "यदि हर घरेलू हिंसा के मामले को पति-पत्नी का निजी विवाद बताकर टाल दिया जाएगा, तो पीड़ित महिलाओं को न्याय कौन दिलाएगा? आखिर ऐसी महिलाएं जाएं तो जाएं कहां? यदि जनप्रतिनिधियों की बात भी नहीं सुनी जाएगी, तो गांवों में पंचायत और सामाजिक हस्तक्षेप का औचित्य क्या रह जाएगा?"
फिलहाल महिला द्वारा थाना में लिखित आवेदन दिया गया है। मामले में पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
नोट: यह समाचार पीड़िता द्वारा दिए गए आवेदन एवं लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही तथ्यों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
रिपोर्टर : अमित कुमार
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