यूपी में 'अपराध' पर 'सियासत' गर्म! कमलेश बिंद एनकाउंटर पर सरकार के भीतर ही रार, डिप्टी सीएम बोले— "होगी कड़ी जांच

हरदोई : उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ 'खाकी' का एक्शन थमा नहीं है, लेकिन इस बार पुलिस की गोली से ज्यादा, उसके बाद उठी 'राजनैतिक चिंगारी' दहक रही है! गाजीपुर में हुए कमलेश बिंद एनकाउंटर ने अब यूपी की सियासत में वो उबाल ला दिया है, जिसने खुद सरकार के भीतर ही अंतर्विरोध खड़े कर दिए हैं।

पहला बड़ा धमाका किया है सरकार के ही कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद ने! संजय निषाद ने अपनी ही सरकार के अफसरों की नीयत पर सीधा और बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होंने खुलेआम आरोप लगाया है कि विनीत राय हत्याकांड के मुख्य आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं, तो फिर कार्रवाई में दोहरा मापदंड क्यों?
संजय निषाद का सीधा बयान सुनिए: "यह सीधे तौर पर निषाद और बिंद समाज के साथ भेदभाव है! कुछ अधिकारी जानबूझकर सरकार के खिलाफ माहौल तैयार कर रहे हैं। चुनावी साल में ऐसी एकतरफा कार्रवाई सरकार को भारी नुकसान पहुँचा सकती है। मैं इस पूरे मामले की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करूँगा।"

यानी साफ है, मंत्री जी को अपनी ही पुलिस के 'इंसाफ के तराजू' पर भरोसा नहीं रहा!

लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती...
इस सियासी भूचाल की तपिश जैसे ही लखनऊ के गलियारों तक पहुँची, सरकार के सिपहसालार तुरंत डैमेज कंट्रोल में जुट गए। सूबे के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को खुद सामने आना पड़ा। उन्होंने इस पूरे मामले को शांत करने की कोशिश करते हुए साफ शब्दों में कहा है कि— 'गाजीपुर एनकाउंटर की पूरी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। अगर किसी भी स्तर पर पुलिसिया लापरवाही या गड़बड़ी सामने आती है, तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, उन पर सख्त से सख्त एक्शन होगा।'
बड़ा सवाल यह है: क्या चुनावी साल में वोट बैंक खिसकने के डर से यह नाराजगी सामने आई है? या वाकई यूपी पुलिस के कुछ अफसर सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति की आड़ में अपनी मनमानी कर रहे हैं? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने अब अपनों को संतुष्ट करने और पुलिस के इकबाल को बनाए रखने की दोहरी चुनौती है।
गाजीपुर से लेकर लखनऊ तक फैली इस सियासी आग की लपटें कहाँ जाकर थमेंगी, इस पर हमारी नजर बनी रहेगी।

रिपोर्टर : अनुराग सिंह

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