11 साल पुराने कत्ल मामले में बड़ा फैसला: पत्नी की हत्या कर सिर लेकर सड़क पर घूमने वाले आरोपी को उम्रकैद
हवेली : पुणे के कात्रज इलाके में करीब 11 साल पहले हुए एक दिल दहला देने वाले हत्याकांड में सेशन कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए 73 वर्षीय पूर्व चौकीदार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी ने अपनी पत्नी की हत्या कर उसका कटा हुआ सिर लेकर सार्वजनिक सड़क पर घूमकर पूरे शहर को दहला दिया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुमित जी. जोशी ने आरोपी रामचंद्र शेहु चव्हाण को हत्या और भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मेडिकल सबूत, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामला पूरी तरह साबित किया है। कोर्ट ने आरोपी पर ₹5,000 का जुर्माना भी लगाया।
यह घटना 9 अक्टूबर 2015 की है, जब घरेलू विवाद के बाद आरोपी ने कथित तौर पर अपनी पत्नी पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। अभियोजन के अनुसार आरोपी को शक था कि उसकी पत्नी का उसके दामाद के साथ अवैध संबंध है, जिस कारण दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे।
जांच अधिकारियों के मुताबिक आरोपी ने बार-बार कुल्हाड़ी से हमला कर पत्नी को गंभीर रूप से घायल किया और बाद में उसका सिर धड़ से अलग कर दिया। घटना के बाद वह करीब 500 मीटर तक सड़क पर कुल्हाड़ी और कटा हुआ सिर लेकर घूमता रहा, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने इस भयावह दृश्य की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम और ट्रैफिक पुलिस को दी। इसके बाद भारती विद्यापीठ पुलिस और ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही आरोपी ने कथित तौर पर कुल्हाड़ी और कटा हुआ सिर फेंक दिया और आत्मसमर्पण कर दिया।
जांच के दौरान पुलिस को घर के अंदर महिला का क्षत-विक्षत शव मिला। आरोपी की बहू और उसके दो नाबालिग बच्चे भी घर में बंद पाए गए। बहू ने अदालत को बताया कि उसने हमला होते देखा था और बीच-बचाव करने की कोशिश करने पर आरोपी ने उसे भी बंद कर दिया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर 26 गंभीर चोटों के निशान पाए गए, जिनमें कई गहरे कट और अंग-विच्छेदन शामिल थे। रिपोर्ट में मौत को हत्या बताया गया।
फैसला सुनाते समय अदालत ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों, सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और खून से सने कपड़ों जैसे साक्ष्यों पर भरोसा जताया। अदालत ने कहा कि प्रस्तुत सबूत आरोपी को अपराध से स्पष्ट रूप से जोड़ते हैं और आरोप संदेह से परे साबित होते हैं।
संवादाता : यश सोलंकी

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