पुणेवासियों को सोमवार से नियमित जलापूर्ति, खडकवासला बांधों में बढ़ा जल भंडार

हवेली : पिछले पांच-छह दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण खडकवासला बांध प्रणाली में जल भंडारण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके चलते सोमवार से पुणे शहर में फिर से नियमित जलापूर्ति शुरू की जाएगी, जिससे नागरिकों को एक दिन छोड़कर पानी मिलने की व्यवस्था से फिलहाल राहत मिलेगी।

नगर प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि शहर में फिर से एक दिन छोड़कर जलापूर्ति लागू करनी है या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय अगले सप्ताह सर्वदलीय बैठक में लिया जाएगा।

पुणे को पानी उपलब्ध कराने वाली खडकवासला बांध श्रृंखला में वर्तमान में 16.80 टीएमसी पानी संग्रहित है, जो कुल क्षमता का 57.63 प्रतिशत है। पिछले पांच दिनों में चारों बांधों में अच्छी मात्रा में पानी आने से जल उपलब्धता में सुधार हुआ है।

हालांकि, यह भंडारण पिछले वर्ष इसी दिन दर्ज 20.79 टीएमसी (71.31 प्रतिशत) से कम है, लेकिन पुणे महानगरपालिका (पीएमसी) के कई जनप्रतिनिधियों ने जलाशयों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पानी की कटौती नहीं करने की मांग की है।

जलाशयों में घटते जलस्तर के कारण पीएमसी ने 15 जून से एक दिन छोड़कर जलापूर्ति व्यवस्था लागू की थी। इसके तहत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सम और विषम तारीखों के अनुसार पानी की आपूर्ति की जा रही थी।

बाद में आषाढ़ी वारी और संत ज्ञानेश्वर महाराज तथा संत तुकाराम महाराज की पालखियों के पुणे आगमन को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने 12 जुलाई तक इस जल राशनिंग व्यवस्था को स्थगित कर दिया था, ताकि वारी के दौरान निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

अब जलाशयों में लगातार बढ़ रहे जल भंडार को देखते हुए सोमवार से शहर में फिलहाल नियमित जलापूर्ति जारी रहेगी।

खडकवासला बांध प्रणाली की वर्तमान स्थिति (12 जुलाई, शाम 5 बजे):

खडकवासला बांध: 1.93 टीएमसी (97.60% भरा)

पानशेत बांध: 6.37 टीएमसी (59.84% भरा)

वरसगांव बांध: 7.06 टीएमसी (55.05% भरा)

टेमघर बांध: 1.44 टीएमसी (38.93% भरा)

चारों जलाशयों में कुल 16.80 टीएमसी पानी संग्रहित है, जो उनकी कुल क्षमता का 57.63 प्रतिशत है। रविवार शाम तक इन बांधों में कुल 63 एमसीएफटी पानी की आवक दर्ज की गई।

इस मानसून में अब तक खडकवासला बांध से स्पिलवे के माध्यम से 1.51 टीएमसी पानी छोड़ा जा चुका है।

नगर प्रशासन आने वाले दिनों में वर्षा और जलाशयों के जलस्तर की समीक्षा करने के बाद शहर की दीर्घकालिक जलापूर्ति व्यवस्था पर अंतिम निर्णय लेगा।

संवादाता : यश सोलंकी 

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.