भूदान की जमीन पर कब्जे का आरोप, उमाशंकर अकेला के नेतृत्व में ग्रामीणों ने घेरा अंचल कार्यालय

चौपारण (हजारीबाग) :  करमा गांव में भूदान यज्ञ समिति से मिली तीन एकड़ जमीन पर कब्जे के आरोप को लेकर मंगलवार को पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर का घेराव किया। इस दौरान ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी करते हुए जमीन मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने “राजदेव यादव गरीबों का शोषण करना बंद करो” और “सांसद और विधायक के संरक्षण में जमीन हड़पना बंद करो” जैसे नारे लगाए।

प्रदर्शन के बाद पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला एवं ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी संजय यादव को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जानकारी दी। ग्रामीणों ने भूदान की जमीन की जांच कर कथित कब्जे को हटाने तथा वास्तविक लाभुक को जमीन पर दखल दिलाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के अंदर मामले में सुनवाई नहीं हुई तो प्रखंड सह अंचल कार्यालय का बड़े पैमाने पर घेराव करते हुए अनशन किया जाएगा।

1955 में भूदान यज्ञ समिति से मिली थी तीन एकड़ जमीन

ज्ञापन में करमा गांव निवासी संतोष भुईयां ने बताया कि उनके दादा स्व. काली भुईयां को वर्ष 1955 में भूदान यज्ञ समिति, हजारीबाग की ओर से मौजा करमा, थाना नंबर 51, खाता नंबर 59, प्लॉट नंबर 12 में तीन एकड़ भूमि दी गई थी। आवेदन में जमीन की चौहद्दी उत्तर में बिनोवा जी टांड़, दक्षिण में गन्दौरी भुईयां, पूरब में रास्ता तथा पश्चिम में जंगल-झाड़ी बताई गई है।

संतोष भुईयां के अनुसार उनके दादा उक्त भूमि पर दखलकार थे, लेकिन बीमारी के कारण उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद उनके पिता चेतलाल भुईयां की भी कम उम्र में मृत्यु हो गई। उस समय संतोष नाबालिग थे और उनकी मां मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती थीं। बाद में जब उन्होंने जमीन के कागजात और स्थल की जानकारी ली तो कथित तौर पर जमीन पर दूसरे लोगों का कब्जा पाया गया।

सात लोगों पर कब्जे का आरोप

संतोष भुईयां ने आवेदन में राजदेव यादव, शिबा यादव, खेलावन यादव, बाजो यादव, शशि यादव, अभिजीत कुमार यादव उर्फ ललू यादव तथा महेंद्र यादव पर उक्त जमीन पर मकान बनाकर कब्जा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जमीन के संबंध में पूछताछ करने पर उन्हें धमकी दी गई। संतोष ने प्रशासन से मामले की जांच कर जमीन को कब्जामुक्त कराने और उन्हें दखल दिलाने की मांग की है।

‘जमीन वापस करनी होगी’ : विकास गुप्ता

मौके पर कांग्रेस जिला महासचिव सह करमा गांव निवासी विकास गुप्ता ने कहा कि यदि संतोष भुईयां की जमीन पर राजदेव यादव का कब्जा है तो जमीन वापस करनी होगी। उन्होंने कहा कि राजदेव यादव की ओर से जमीन को अपनी या अपने पिता की बताने की बात कही जा रही है, जबकि उपलब्ध कागजात के अनुसार जमीन संतोष भुईयां के दादा स्व. काली भुईयां से जुड़ी है। उन्होंने प्रशासन से दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच की मांग की।

विकास गुप्ता ने राजदेव यादव के परिवार पर उक्त जमीन पर पूर्व में कलाली चलाकर शराब बेचने तथा जंगल से खैर की लकड़ी चोरी कर कत्था बनाने और बेचने का भी आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

कागजात दिखाकर उठाए सवाल : रेवाली पासवान

करमा निवासी सह कांग्रेस जिला सचिव रेवाली पासवान ने कहा कि जमीन मामले की पूरी जांच होनी चाहिए। उन्होंने मौके पर कागजात दिखाते हुए कहा कि अन्य लोगों को भी भूदान यज्ञ समिति की ओर से जमीन मिली है और उनकी चौहद्दी में संतोष भुईयां के दादा स्व. काली भुईयां के नाम का उल्लेख मिलता है। ऐसे में जमीन के स्वामित्व को लेकर उठ रहे सवालों की प्रशासन को दस्तावेजों के आधार पर जांच करनी चाहिए।

ग्रामीणों ने कहा- दस्तावेजों की हो जांच

प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी के समक्ष कहा कि जमीन संतोष भुईयां के परिवार को भूदान यज्ञ समिति के माध्यम से मिली थी। ग्रामीणों ने उपलब्ध दस्तावेजों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने तथा संतोष भुईयां को न्याय दिलाने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि यदि गरीब परिवार की जमीन पर अवैध कब्जा हुआ है तो प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

सीओ ने दिया जांच का आश्वासन

इस संबंध में अंचलाधिकारी संजय यादव ने कहा कि आवेदन प्राप्त हुआ है। मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

मौके पर रामफल सिंह, लव सिंह, दिगंबर भुईयां, मुखिया प्रतिनिधि अभिमन्यु भगत, प्रह्लाद सिंह, टुन्नू वर्णवाल, मनोज सिंह, उमेश सिंह, वसीम खान, डबलू अंसारी, पूर्व मुखिया शौकत खान, विजय गुप्ता, शकील खान समेत बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण मौजूद थे।

रिपोर्टर : अमित सिंह

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