चौक-चौराहों से लेकर ग्रामीण सड़कों तक अतिक्रमण, आवागमन में बढ़ रही परेशानी
चौपारण : प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न चौक-चौराहों और ग्रामीण सड़कों पर लगातार बढ़ते अतिक्रमण के कारण आम लोगों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चौथी, केंदुआ, पांडेयबारा, सिंघरावां मोड़ सहित कई प्रमुख स्थानों पर दुकानदारों एवं स्थानीय लोगों द्वारा सड़क के किनारे तक सामान रखने से आवागमन का रास्ता संकरा हो जाता है। इससे कई बार जाम की स्थिति उत्पन्न होने के साथ-साथ छोटी-मोटी दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर दुकानों का सामान सड़क तक फैला रहता है, तो कहीं निर्माण सामग्री जैसे बालू, छरी, ईंट आदि सड़क किनारे रख दिए जाते हैं। कई लोग अपने वाहनों को भी सड़क के किनारे खड़ा कर देते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से गुजरने वाली सड़कों पर कहीं-कहीं पशुओं को बांधने के कारण भी आवागमन प्रभावित होता है।
वहीं, सड़क निर्माण के दौरान कई स्थानों पर सड़क के दोनों किनारों पर पर्याप्त मिट्टी नहीं भरे जाने से भी परेशानी बढ़ जाती है। सड़क और आसपास की जमीन के बीच ऊंचाई का अंतर रहने के कारण वाहनों को सड़क से नीचे उतरने या किनारे जाने में कठिनाई होती है। इससे दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।
सबसे अधिक चिंता उन स्थानों को लेकर है, जहां सड़क पर अतिक्रमण के साथ-साथ तीखे मोड़ भी हैं। करमा और सेलहारा जैसे स्थानों पर सड़क की स्थिति और मोड़ को देखते हुए विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे स्थानों को प्रशासन द्वारा चिन्हित कर अतिक्रमण हटाने, सड़क किनारे पर्याप्त जगह उपलब्ध कराने और सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम करने की मांग स्थानीय लोगों ने की है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़कें आम लोगों की सुविधा और सुरक्षित आवागमन के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन यदि सड़क पर ही निर्माण सामग्री, वाहन, दुकान का सामान या पशु रखे जाएंगे तो इसका उद्देश्य प्रभावित होगा। प्रशासन को पहले लोगों को जागरूक करते हुए सड़क की सीमा निर्धारित करनी चाहिए और इसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन, सड़क निर्माण कंपनियों एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों से क्षेत्र के सभी प्रमुख चौक-चौराहों और ग्रामीण सड़कों का निरीक्षण कर अतिक्रमण की स्थिति का जायजा लेने की मांग की है, ताकि समय रहते समस्या का समाधान हो सके और दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगाया जा सके।
रिपोर्टर : अमित सिंह
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