विकसित कॉलोनी का सपना टूटा, रजिस्ट्री अटकी; गंदगी और अव्यवस्थाओं से भड़के रहवासी

बेटमा : "विकसित कॉलोनी" का सपना दिखाकर प्लॉट बेचने वाली घाटा बिल्लोद स्थित वॉल्केन सिटी कॉलोनी अब विवादों के घेरे में आ गई है। कॉलोनी के रहवासियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनसे प्लॉट की पूरी राशि वसूल ली गई, मकान भी बनवा लिए गए, लेकिन आज तक उनकी रजिस्ट्री नहीं कराई गई। वर्षों से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि लोगों की जीवनभर की कमाई दांव पर लगी हुई है।

रहवासियों का कहना है कि कॉलोनी में विकास कार्यों के नाम पर सिर्फ वादे किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत बदहाली की तस्वीर बयां कर रही है। कॉलोनी की सड़कें, ड्रेनेज व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाएं उपेक्षा का शिकार हैं। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं, खाली प्लॉट कचरा घर बन चुके हैं और ड्रेनेज लाइनें चोक होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। कॉलोनी के मुख्य प्रवेश द्वार पर फैली गंदगी और बहता गंदा पानी कॉलोनाइजर के दावों की पोल खोल रहा है।
मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब रहवासियों ने आरोप लगाया कि कॉलोनी के मॉर्टगेज प्लॉट (कॉलोनी के बंधक प्लॉट) स्थानीय लोगों को उपलब्ध कराने के बजाय बाहरी व्यक्तियों को दिए जा रहे हैं। इससे कॉलोनी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। रहवासियों का कहना है कि यदि सभी नियमों का पालन किया गया है तो फिर रजिस्ट्री और अन्य प्रक्रियाओं में देरी क्यों हो रही है।
कॉलोनी में गार्डन और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का विकास भी अधूरा पड़ा हुआ है। बच्चों के खेलने और लोगों के घूमने के लिए जिस गार्डन का सपना दिखाया गया था, वह आज भी केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहा है। बरसात के मौसम में गंदगी और जलभराव से बीमारी फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है।
समस्या से त्रस्त रहवासियों ने ग्राम पंचायत घाटा बिल्लोद के सरपंच सलीम पटेल को शिकायत सौंपकर कॉलोनाइजर से चर्चा कर तत्काल समाधान की मांग की है। रहवासियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष प्रदर्शन कर जनआंदोलन शुरू करेंगे।
अब सवाल यह है कि आखिर लाखों रुपये खर्च कर अपना आशियाना बनाने वाले इन लोगों को कब न्याय मिलेगा और विकसित कॉलोनी के नाम पर किए गए वादे कब पूरे होंगे ?

रिपोर्टर : राहुल देवड़ा

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