फोन पर पति की 'वो' बात और नहर की खौफनाक लहरों में छलांग,मौत के आगोश से निकाल लाई वैदपुरा पुलिस
इटावा : दिल दहला देने वाली एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया! इटावा के वैदपुरा में खेडा नहर के किनारे उस वक्त चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई, जब एक 25 साल की विवाहिता ने देखते ही देखते मौत की उफनती लहरों के बीच छलांग लगा दी। किसी को कानो-कान खबर तक नहीं थी कि शान्तिकुंज में अपने मामा के घर आई रोशनी के दिमाग में मौत का कौन सा खौफनाक मंजर चल रहा था। महिला को पानी में डूबता देख किनारे खड़े लोगों के हलक में सांसें अटक गईं और चारों तरफ कोहराम मच गया। गनीमत रही कि चश्मदीदों ने बिना एक पल गंवाए तुरंत इस खौफनाक हादसे की सूचना पुलिस को दी।
जैसे ही वायरलेस (ROIP) के जरिए इस अनहोनी की भनक लगी, पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) इटावा के सख्त और 'जीरो रिस्पॉन्स टाइम' के निर्देशों का पालन करते हुए थानाध्यक्ष नागेन्द्र सिंह मय हमराह पुलिस बल और पीआरवी 6826 के साथ चक्रवात की रफ्तार से मौके की तरफ दौड़ पड़े। जब थाना प्रभारी नागेन्द्र सिंह पुलिस टीम के साथ वहां पहुंचे, तो नहर के किनारे सैकड़ों लोगों की सांसें थमी हुई थीं। लहरें उस मासूम जिंदगी को हमेशा के लिए निगल जाने पर आमादा थीं, लेकिन जांबाज थानाध्यक्ष नागेन्द्र सिंह और उनकी टीम ने देवदूत बने स्थानीय लोगों की मदद से अपनी जान की बाजी लगा दी। पुलिस ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए मौत के मुंह में समा रही रोशनी को ऐन वक्त पर सकुशल बाहर निकाल लिया ।
नहर से बाहर निकालते ही रोशनी बुरी से तरह कांप रही थी, सदमे में थी और उसकी आंखें फटी की फटी रह गई थीं। जब महिला पुलिसकर्मियों ने उसे अपनी गोद में लिया,थाना प्रभारी नगेन्द्र सिंह सांत्वना दी और ढांढस बंधाया, तब जाकर उसकी जुबान खुली और एक ऐसा सच बाहर आया जिसने सबको सन्न कर दिया। रोशनी ने रोते हुए बताया कि भरथना के मुढैना में रहने वाले उसके पति विपिन यादव से फोन पर घरेलू बातों को लेकर तीखी नोकझोंक हुई थी। पति की बातें उसके दिल में तीर की तरह चुभीं और वो गुस्से व अवसाद के सातवें आसमान पर पहुंच गई ,और उसने सीधे मौत का खौफनाक रास्ता चुन लिया। वो मामा के घर से भागकर आई और सीधे नहर में कूद गई।
इस दिल दहला देने वाले हाई-वोल्टेज ड्रामे की खबर जब रोशनी के मायके पहुंची, तो वहां कोहराम मच गया। उसका भाई अंकुर मैनपुरी के करहल से बदहवास हालत में दौड़ता हुआ इटावा पहुंचा। अपनी बहन को जिंदा देखकर भाई फूट-फूट कर रो पड़ा। इसके बाद, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के मानवीय दृष्टिकोण वाले विजन को आगे बढ़ाते हुए, थानाध्यक्ष नागेन्द्र सिंह ने महिला मुख्य आरक्षी और उसके भाई की सुरक्षात्मक निगरानी में रोशनी को तुरंत इलाज के लिए जिला अस्पताल इटावा भिजवाया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार और काउंसिलिंग के बाद इस खुशकिस्मत महिला को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। वैदपुरा पुलिस की इस हैरतअंगेज तत्परता और जांबाजी की बदौलत आज एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ने से बाल-बाल बच गया, जिसकी हर तरफ तारीफ हो रही है!
रिपोर्टर : देवेन्द्र सिंह


No Previous Comments found.