केवल प्रशासन की नहीं, हर नागरिक की भी जिम्मेदारी है ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण
कोंच : सेठ बद्रीप्रसाद स्मृति महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के विशेष शिविर में रविवार को ऐतिहासिक धरोहर स्थलों के संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सभासद प्रतिनिधि आवेश जाटव ने अपने संबोधन में कहा कि ऐतिहासिक धरोहरें हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे धरोहर स्थलों की स्वच्छता और सुरक्षा में सक्रिय भूमिका निभाएं। ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
कार्यक्रम अधिकारी हरिशंकर निरंजन के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, उनकी महत्ता और वर्तमान समय में उनकी सुरक्षा की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। उन्होंने स्वयंसेवकों को अपने क्षेत्र की प्राचीन विरासतों को सुरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रधान जुझारपुरा सचिन गुर्जर ने कहा कि ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी अमूल्य धरोहर को सुरक्षित रखने का माध्यम है। महाविद्यालय के कोऑर्डिनेटर कन्हैया नीखर ने भी ऐतिहासिक धरोहरों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए स्वयंसेवकों को जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया। प्रभारी प्राचार्य ब्रजेंद्र सिंह, स्वयंसेविका नैंसी कुशवाहा, राखी एवं निशा कुमारी ने भी ऐतिहासिक धरोहर संरक्षण विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए और सभी को जागरूक रहने का संदेश दिया। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने बारहखंभा सहित कोंच की अन्य ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा एवं संरक्षण का संकल्प लिया।
रिपोर्टर : राहुल कुमार पटेल

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